हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि के नौवें दीक्षांत समारोह में परास्नातक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 59 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक (14 दानदाताओं समेत) वितरित किए गए। पीएचडी की 147, एमफिल की 10 और पीजी की 3,659 उपाधि वितरित की गई। वहीं, गढ़ गौरव लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी को मानद उपाधि दी गई।
गढ़वाल विवि दीक्षांत समारोह: 3816 छात्र-छात्राओं को मिली डिग्री, सीडीएस बिपिन रावत ने दिए गोल्ड मेडल, तस्वीरें
इसके बाद गढ़ गौरव नरेंद्र सिंह नेगी समेत छात्र-छात्राओं को उपाधि और गोल्ड मेडल दिए गए। कार्यक्रम में 41 टॉपर छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल दिए गए। इसके अलावा दानदाताओं की ओर से भी 14 गोल्ड मेडल वितरित किए गए। संचालन श्वेता वर्मा और हिमशिखा गुसांई ने किया।
संस्कृत और वनस्पति विज्ञान में दो-दो गोल्ड मेडल
समान क्रेडिट होने की वजह से संस्कृत, वनस्पति विज्ञान विषय में 2-2 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल दिए गए। संस्कृत विषय में बिड़ला परिसर श्रीनगर के छात्र मानवेंद्र मिश्रा व बीजीआर परिसर पौड़ी के छात्र कपिल नौटियाल को 5 स्वर्ण पदक (गढ़वाल विवि, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, सावित्री देवी, राम प्रपन्नाचार्य संस्कृत ट्रस्ट और डॉ. डीएन शास्त्री स्मृति स्वर्ण पदक) हासिल हुए।
इनको मिले गोल्ड मेडल
गोल्ड मेडल हासिल करने वालों में प्रिया, आकांक्षा बिष्ट, शिल्पी राणा, साक्षी पांडे, मांपि मजमूदार, सुनीता चौधरी, श्रेया, कामिनी मिश्रा, अतिया रहमान, कार्तिका रावत, कामिनी मिश्रा, मुद्रिका वर्मा, शिवानी राणा, दीक्षा मलिक, अमृता नेगी, दीपिका, अंजली नाइक, पूजा, शिव प्रसाद, दीपशिखा सिलमाना, दीक्षा लखेड़ा, सुमन रावत, मोनिका चंद, सृष्टि दफौटनी, आशा, मेघा प्रजापति, मानवेंद्र मिश्रा, कपिल नौटियाल, सुष्मिता रावत, विभूति गुप्ता, श्रद्धा वर्मा, गायत्री पांडेय, हिमानी रावत, किरन, रामिनी भसीन, श्रेया रावत, हिमांशी तोमर, मेघना त्रिपाठी, हिमानी, रिंकी यादव, मनामी चक्रवर्ती, अदीबा जैनब, अनन्या सिंह, सुधांशु डंगवाल आदि शामिल थे।
ऑनलाइन मोड में शामिल हुए शिक्षा मंत्री
समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और कुलाधिपति डॉ. योगेंद्र नारायण वर्चुअल मोड में जुड़े। इसी प्रकार पीजी के छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन उपाधि दी गई। आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर गढ़वाल विवि की ओर से देवभूमि उत्तराखंड के स्वतंत्रता सेनानी पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। पुस्तिका में स्वतंत्रता आंदोलन समेत अन्य सामाजिक आंदोलन में नेतृत्व करने वाली हस्तियों की जीवनी का संकलन किया गया है।