अगर आप होलिका दहन और पूजन के समय को लेकर कंफ्यूजन में है, तो यहां मिलेगा आपको सही जवाब...
HOLI 2018: होलिका दहन और पूजन के समय को लेकर है कंफ्यूजन, तो यहां जानिए शुभ मुहूर्त
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होली की तैयारी हर ओर शुरू हो गई है। होलिकाएं विशेष तौर पर सजा दी गई हैं। फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को प्रदोष काल में होलिका दहन विशेष शुभ माना गया है। हालांकि इसके बाद भी शुभ मुहूर्त मिलेगा। ज्योतिषों के अनुसार भद्रा काल में होलिका दहन शुभ नहीं माना जाता है।
होली हमारी संस्कृति एवं एकता के महत्व को दर्शाता है। घर में सुख-समृद्धि एवं संतान प्राप्ति आदि के लिए महिलाएं इस दिन होली की पूजा करती है। बुराई पर अच्छाई की जीत एवं बसंत ऋतु के आगमन को यह त्योहार दर्शाता है। मान्यता है कि इस दिन अत्रि और अनसूइया से चंद्रमा की उत्पत्ति हुई थी। यह त्योहार भगवान के प्रति हमारी आस्था को मजबूत बनाने एवं आध्यात्मिकता की ओर उन्मुख होने की प्रेरणा देता है।
आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार एक मार्च बृहस्पतिवार को प्रात: 8.57 मिनट पर पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी। दो मार्च को प्रात: 6.18 मिनट तक रहेगी। एक मार्च को प्रात: 8.57 मिनट से शाम 7.40 मिनट तक भद्रा रहेगी। भद्रा काल में होलिका दहन नहीं किया जाता है। 1 मार्च को राहुकाल दिन में 1.56 मिनट से 3.24 मिनट दिन तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.08 से 12.54 तक रहेगा।