01 मार्च को फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त में होलिका दहन और पूजन किया जाएगा। लेकिन इस समय पर पूजन करना अशुभ होगा।
HOLI 2018: इस समय भूलकर भी न करें होलिका पूजन और दहन, अशुभ होगा
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आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार, एक मार्च को प्रात: 8.57 मिनट से शाम 7.40 मिनट तक भद्रा रहेगी। भद्रा काल में होलिका दहन नहीं किया जाता है। इसलिए इसके बाद का ही समय शुभ होगा।
एक मार्च को सुबह 11.05 मिनट से 12.30 मिनट तक, दोपहर को 1.10 मिनट से 1.56 मिनट, और शाम को 4.50 मिनट से 6.15 मिनट तक पूजन करना ही शुभ होगा।
वहीं होलिका दहन प्रदोष काल में शाम 7.40 मिनट से 8.50 मिनट तक और रात को 12.30 मिनट से 2.15 मिनट पर वृश्चिक लग्न एवं लाभ की चौघड़िया मुहूर्त में होलिका दहन करना शुभ होगा।
भगवान नृसिंह ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा की और उसे छल से मारने वाली होलिका स्वयं जल गई, भद्रा रहित प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि में होलिका दहन करना चाहिए। होलिका दहन से अगले दिन रंगों से खेला जाता है, इसलिए इसे रंग वाली होली और धुलहंडी भी कहा जाता है।