जम्मू कश्मीर के पूंछ क्षेत्र में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए नायक हरेंद्र सिंह और सूबेदार अजय सिंह रौतेला के पार्थिव शरीर रविवार को उत्तराखंड पहुंचे। सोमवार को दोनों शहीदों के पार्थिव शरीर उनके घर भेजे जाएंगे और वहीं अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शहादत: उत्तराखंड पहुंचे शहीद हरेंद्र सिंह और अजय रौतेला के पार्थिव शरीर, घरों में मातम, तस्वीरें
शहीद की मां सरोजनी देवी और पिता पूर्व सैनिक छवाण सिंह रावत अपने पैतृक गांव पीपलसारी में रहते हैं, जबकि उनकी पत्नी लता देवी दोनों बच्चों के साथ देहरादून के गढ़ीकैंट में रहती हैं। शहीद के पिता छवाण सिंह रावत ने बताया कि सेना की ओर से बीते शुक्रवार को उनके लापता होने की सूचना दी गई थी। शहीद होने की जानकारी उन्हें शनिवार देर शाम दी गई, लेकिन हरेंद्र की मां को रविवार सुबह ही इस बारे में बताया गया। तब से मां का रो-रोक बुरा हाल है।
उधर, 17 गढ़वाल राइफल्स और वर्तमान में आरआर (राष्ट्रीय राइफल 48) के सूबेदार शहीद अजय सिंह रौतेला का पार्थिव शरीर रविवार दोपहर 2.30 बजे सेना के हवाई जहाज से जौलीग्रांट हवाई अड्डा पहुंचा। हवाई अड्डे पर सीएम पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी सहित जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों ने शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। सोमवार सुबह शहीद का पार्थिव शरीर अपने रामपुर गांव पहुंचेगा। दोपहर को पूर्णानंद घाट मुनिकीरेती में उन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
जम्मू कश्मीर के पुंछ में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में 14 अक्तूबर को टिहरी जिले के दो सैनिक शहीद हो गए थे। विमाण गांव के राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी का शनिवार को कोटेश्वर घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। वहीं सूबेदार अजय सिंह रौतेला (46) के शहादत की शनिवार देर शाम सेना और प्रशासन की ओर से पुष्टि की गई। सूबेदार अजय रौतेला के शहीद होने की सूचना मिलते ही उनके गांव रामपुर में कोहराम मच गया। वर्तमान में शहीद रौतेला का परिवार देहरादून में रहता है, लेकिन कुछ दिन पूर्व ही उनकी पत्नी विमला देवी, जुड़वा बेटे सुमित और अमित गांव पहुंचे थे। शहीद के चाचा अधिवक्ता हरपाल रौतेला ने बताया कि अजय रौतेला के तीन पुत्र हैं।
बड़े बेटे अरुण रौतेला ने हाल ही में बी.टेक पास किया है, जबकि सुमित और अमित इंटर में पढ़ते हैं। पत्नी विमला गृहणी हैं। शहीद के छोटे भाई शिक्षक दीपक रौतेला भी सूचना के बाद से गांव में हैं। वह किसी तरह परिजनों को संभाल रहे हैं। दीपक रौतेला ने बताया कि दो साल बाद भाई की सेवानिवृत्ति होनी थी, लेकिन उससे पहले आतंकियों के साथ मुठभेड़ में वह शहीद हो गए। शहीद का बड़ा बेटा अरुण जौलीग्रांट हवाई अड्डा पहुंचा। सोमवार सुबह 8 बजे शहीद के पार्थिव शरीर को सेना के जवान गांव रामपुर पहुंचाएंगे। दोपहर एक बजे पूर्णानंद घाट मुनिकीरेती में उनका राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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