जोशीमठ क्षेत्र में भू-धंसाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार रात को फिर कई जगह भू-धंसाव की घटनाएं सामने आईं। बीते 24 घंटों में 44 और भवनों में दरारें आई हैं। लोक निर्माण विभाग का पांच कमरों का विश्राम गृह पूरी तरह से जर्जर हो गया है। शनिवार रात अचानक दरारें बढ़ने से यहां सो रहे पांच से छह मजदूरों को आनन-फानन दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा।
Joshimath: असुरक्षित क्षेत्र में बढ़ीं दरारें...जमींदोज हो सकता है PWD का गेस्ट हाउस, रातोंरात हटाए मजदूर
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जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि उन्हीं जगहों पर दरारें बढ़ी हैं, जहां पहले थी। किसी नई जगह पर दरारें नहीं आई हैं। असुरक्षित भवनों का सर्वेक्षण कार्य चल रहा है। सीबीआरआई की टीम को एक सप्ताह में सर्वेक्षण कार्य पूर्ण करने के लिए कहा गया है।
वार्ड - दरार वाले भवन - असुरक्षित घोषित भवन
गांधीनगर - 154 - 28
पालिका मारवाड़ी - 41 - 00
लोवर बाजार - 38 - 00
सिंहधार - 128 -84
मनोहरबाग - 131 - 27
अपर बाजार - 40 -00
सुनील - 78 - 26
परसारी - 55 - 00
रविग्राम - 161 - 00
कुल - 826 - 165
वहीं, भू-धंसाव से मारवाड़ी में ऊर्जा निगम के 66 केवी (किलोवाट) के सब-स्टेशन को भी खतरा हो गया है। यदि यहां बिजली लाइनें ध्वस्त हो गईं तो पांडुकेश्वर से बदरीनाथ व माणा गांव तक बिजली सप्लाई ठप पड़ जाएगी। साथ ही आईटीबीपी के कैंपों में भी बिजली का संकट गहरा जाएगा। ऊर्जा निगम ने विद्युत सब स्टेशन को शिफ्ट करने के लिए जगह की तलाश शुरू कर दी है। ऊर्जा निगम के डायरेक्टर एमएल प्रसाद, अधीक्षण अभियंता एसएस कंवर, अधिशासी अभियंता अमित सक्सेना और एसडीओ वीके जैन ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर बिजली लाइनों का जायजा लिया।
वहीं होटल माउंट व्यू और मलारी इन के आसपास की बिजली लाइन को हटाकर नई बिजली लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है जिससे नगर की बिजली सप्लाई सुचारू रह सके। पुलिस थाने के समीप बिजली लाइन पर नया ट्रांसफार्मर भी स्थापित किया गया है। ऊर्जा निगम के ईई अमित सक्सेना ने बताया कि सुनील वार्ड में खतरे की जद में पहुंचे 100 केवी के दो ट्रांसफार्मर बदल लिए हैं। भू-धंसाव से बिजली के 20 खंभे भी आधे झुक गए थे जिन्हें ठीक कर लिया गया है।