भू-धंसाव के संकट से घिरे जोशीमठ के प्रभावित परिवारों को आश्वस्त करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दूसरी बार ग्राउंड जीरो पर पहुंचे हैं। आज बृहस्पतिवार को वह नृसिंह मंदिर पहुंचे और यहां पूजा की। भू-धंसाव के संकट का सामना कर रहे जोशीमठ में आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी स्थित नृसिंह मंदिर परिसर में दरारें आ गई हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद शंकराचार्य की गद्दी नृसिंह मंदिर में विराजमान रहती है। सीएम आज यहां हालात का जायजा लेने पहुंचे हैं।
Joshimath Crisis: सेना और आईटीबीपी के अफसरों संग की सीएम ने बैठक, कहा- लोगों की सुरक्षा हमारी पहली जिम्मेदारी
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मुख्यमंत्री ने सुनील आइटीबीपी कैंप में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, और भूधंंसाव की जांच में लगे विभिन्न प्रतिष्ठानों के वैज्ञानिकों, जिला प्रशासन, पुलिस एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। सीएम ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत सभी इंतेजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने भूधंंसाव की जांच में लगे विभिन्न प्रतिष्ठानों के वैज्ञानिकों से भी वार्ता की और जोशीमठ में भूधंंसाव कारणों में चल रहे अध्ययन और शोध के बारे में जानकारी ली। जिसमें वैज्ञानिकों ने अब तक की जांच के बारे में अवगत कराया।
सीएम ने सभी को आपदा की घड़ी में शासन प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जो लोग प्रभावित हैं, उनकी जान माल की सुरक्षा करते हुए उनके लिए आगे का रास्ता बनाना हमारी प्राथमिकता है।
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सीएम ने कहा कि जिन लोगों के मकान, दुकान, व्यवसाय प्रभावित हुए है उन सभी को अंतरिम सहायता के रूप में 1.50 लाख तत्कालीक रूप से दिए जा रहे हैं। प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार हर संभव मदद करेगी। कतिपय लोग जोशीमठ को लेकर गलत माहौल बना रहे है। इससे हमारे लोगों का नुकसान हो रहा है उनकी आर्थिकी प्रभावित हो रही है।