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Joshimath: वन टाइम सेटलमेंट के लिए राजी नहीं लोग, सरकार के सुझाए तीन विकल्पों पर प्रभावितों ने दी प्रतिक्रिया

Wed, 01 Feb 2023 09:24 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 01 Feb 2023 09:24 AM IST
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Joshimath People are not ready for one time settlement Three options suggested by the government Uttarakhand
जोशीमठ में स्कूल में राहत शिविर - फोटो : अमर उजाला

आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए सरकार ने जो तीन विकल्प दिए हैं, उनसे आपदा प्रभावित सहमत नहीं हैं। प्रभावितों का कहना है कि सरकार की ओर से विकल्पों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। जोशीमठ के स्थायी निवासी वन टाइम सेटलमेंट के लिए राजी नहीं हैं। ऐसे ही कुछ लोगों से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट रूप से अपनी बात कही।

तीन जनवरी से हम बेघर हैं, अखबारों के माध्यम से बार-बार कहा जा रहा है कि वन टाइम सेटलमेंट करेंगे, लेकिन किस आधार पर किया जाएगा, यह साफ नहीं किया गया है। आंदोलन करने के बाद बताया गया कि उन्हें मुआवजा सीपीडब्ल्यूडी के रेट के आधार पर दिया जाएगा, लेकिन उन्हें लगभग 23685 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है। इसमें मकान बनाना संभव नहीं है। वन टाइम सेटलमेंट के मानकों को भी उजागर नहीं किया गया है। जिससे हम दुविधा में हैं। - दिगंबर बिष्ट

Joshimath People are not ready for one time settlement Three options suggested by the government Uttarakhand
जोशीमठ में अलाव तापते लोग - फोटो : अमर उजाला

जोशीमठ के स्थायी निवासी वन टाइम सेटलमेंट नहीं चाहते हैं। यहां पर हमारा कारोबार चलता है। हमें मकान व भूमि की क्षति का आकलन कर मुआवजा दिया जाए, यदि हमारी भूमि रहने लायक है तो उसकी रिपेयरिंग कर हमें वहां रहने दिया जाए, जिन लोगों का वन टाइम सेटलमेंट किया जाएगा, इस पर जल्द निर्णय हो। - चंडी प्रसाद बहुगुणा

Joshimath People are not ready for one time settlement Three options suggested by the government Uttarakhand
जोशीमठ - फोटो : अमर उजाला

जब तक भूमि की दरों का निर्धारण नहीं हो जाता है, तब तक हम लोग भी निर्णय नहीं ले पा रहे हैं कि क्या करें। ठीक है, सरकार ने तीन विकल्प दिए हैं, लेकिन उसमें सिर्फ हमारे मकान व भूमि के मुआवजे की बात की गई है। उसमें स्पष्ट नहीं किया गया है कि मुआवजा किस दर पर दिया जाएगा। जोशीमठ की अधिकांश भूमि व्यावसायिक है। जब तक सरकार मुआवजे पर स्थिति स्पष्ट नहीं कर देती, तब तक आगे कदम नहीं उठाएंगे। - रोहित परमार

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Joshimath People are not ready for one time settlement Three options suggested by the government Uttarakhand
जोशीमठ - फोटो : अमर उजाला

जो तीन विकल्प सरकार ने दिए हैं, उसमें भूमि का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। पुनर्वास कहां करेंगे, स्पष्ट नहीं है। मकान बनाने के लिए 75 वर्ग मीटर भूमि देने की बात की जा रही है। किसी के परिवार में 8 से 10 सदस्य हैं, तो ऐसे में इतने छोटे मकान में वह कैसे रहेंगे। हमारी दो-तीन मंजिला मकान थे, जो टूट चुके हैं। कुछ बातें अभी सरकार की तरफ से स्पष्ट नहीं हैं। - माधवी सती

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Joshimath People are not ready for one time settlement Three options suggested by the government Uttarakhand
आपदा ने जोशीमठ में खड़ा किया बड़ा संकट। - फोटो : अमर उजाला

दूसरी तरफ उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग जोशीमठ में अनुसूचित जाति के प्रभावित से राहत में भेदभाव के आरोप की जांच करेगा। आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार मामले की जांच के लिए जोशीमठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि जोशीमठ आपदा प्रभावित क्षेत्र गांधी कालोनी में अनुसूचित जाति वर्ग के प्रभावितों के संबंध शिकायत मिली है। इस शिकायत पर उन्होंने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से बात की थी। मुख्य विकास अधिकारी ने इस संबंध में आरोप को असत्य बताया है। इस संबंध में उनकी मुख्यमंत्री से भी बात हुई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह जोशीमठ जाकर मामले को देखेंगे।

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