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Joshimath: राहत शिविर बने स्कूलों से दूसरी जगह शिफ्ट होंगे प्रभावित, मनोहर बाग में दीवार टूटने से बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 31 Jan 2023 09:56 PM IST
सार
कल से जोशीमठ में सभी स्कूल खुल रहे हैं। जिसके चलते अब स्कूलों मे रहने वाले प्रभावितों को दूसरे स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा।
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जोशीमठ में होटलों के ध्वस्तीकरण का काम जारी
- फोटो : अमर उजाला
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जोशीमठ में मंगलवार को मौसम साफ बना हुआ है। वहीं, होटलों के ध्वस्तीकरण का काम भी जारी है। मनोहर बाग वार्ड में मंगलवार सुबह अचानक तहसील जाने वाले रास्ते की दीवार टूट गई। यह मार्ग मुख्य बाजार को भी तहसील से जोड़ता है और यहां आसपास के भवनों में भी दरारें हैं। हालांकि दीवार बारिश से टूटी या दरार से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। दीवार गिरने से रास्ता तो बंद नहीं हुआ है लेकिन इसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।
वहीं, बुधवार से जोशीमठ में सभी स्कूल खुल रहे हैं। जिसके चलते अब स्कूलों मे रहने वाले प्रभावितों को दूसरे स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। भू-धंसाव से प्रभावित जोशीमठ में विद्यालयों को खोलने में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। यहां कुछ विद्यालयों में राहत शिविर बनाए गए हैं जबकि कई बच्चे राहत शिविरों में रह रहे हैं। सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी जोशीमठ के कार्यालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई जिसमें निर्णय लिया गया कि सिर्फ संस्कृत महाविद्यालय में राहत कैंप चलता रहेगा, शेष अन्य विद्यालयों से प्रभावितों, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि अभी उन्हें शिफ्ट नहीं किया गया है।
वहीं, जोशीमठ नगर के सभी विद्यालय बुधवार से संचालित होंगे। ऐसे में आपदा प्रभावित ऐसे परिवार जो किराये के भवन में चले गए थे लेकिन विद्यालय वहां से दूर पड़ रहा था उन्होंने विद्यालयों के आसपास नए किराये के भवन तलाशने शुरू कर दिए हैं। कई परिवार के लोगों ने दूसरे मकान में सामान शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। मंगलवार को कई लोग सामान लेकर दूसरे मकानों में शिफ्ट हो गए।
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जोशीमठ में स्कूल में राहत शिविर
- फोटो : अमर उजाला
राहत शिविरों में रहने वाले बच्चों के विद्यालय आसपास ही हैं। ऐसे में वह अपने विद्यालयों में ही पढ़ाई करेंगे। यदि कोई छात्र शहर से बाहर हो तो उसके लिए ऑनलाइन पढ़ाई की भी व्यवस्था की जाएगी। नगर में भू-धंसाव से तीन विद्यालय असुरक्षित हो गए हैं जिनको दूसरी जगह संचालित किया जाएगा। इसमें प्राथमिक विद्यालय मारवाड़ी, उच्च प्राथमिक विद्यालय मारवाड़ी और सिंहधार स्थित आदर्श विद्यालय शामिल हैं।
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जोशीमठ में अलाव तापते लोग
- फोटो : अमर उजाला
आदर्श विद्यालय को संस्कृत महाविद्यालय में संचालित किया जाएगा, जबकि दो अन्य को किराये के भवन में संचालित किया जाएगा। 24 छात्र-छात्राएं ऐसे हैं जिनको बोर्ड परीक्षा देनी है लेकिन वह यहां से बाहर चले गए हैं। नगर के जेपी कॉलोनी के पास पानी का रिसाव अब घटने लग गया है। मंगलवार को यहां पर पानी का रिसाब 60 एलपीएम तक आ गया है जबकि दो जनवरी को जब पानी का रिसाव शुरू हुआ था तब यह 540 एलपीएम था।
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आदिगुरू शंकराचार्य के गद्दीस्थल व मठ की दरारें
- फोटो : अमर उजाला
नृसिंह मंदिर के समीप स्थित ज्योतिर्मठ में आई दरारों से साधु-संत भी चिंतित हैं। चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ धाम जाने वाले साधु-संतों का इसी मठ में डेरा रहता है लेकिन अब आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल से लेकर ज्योतिर्मठ तक भवनों में जगह-जगह दरारें पड़ी हैं। ज्योतिर्मठ के पुनर्निर्माण के लिए अभी तक किसी भी स्तर पर कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के शिष्य स्वामी मुकुंदानंद जी महाराज ने कहा कि ज्योतिर्मठ में पड़ी दरारों का प्रशासन की ओर से परीक्षण करवाया है। ज्योतिर्मठ के विषय में शंकराचार्य जी महाराज ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी अवगत कराया है।
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आदिगुरू शंकराचार्य के गद्दीस्थल व मठ की दरारें
- फोटो : अमर उजाला
इसके नवीनीकरण के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय का कहना है कि आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल मंदिर समिति के अधीन है। गद्दी स्थल का भवन पुराना और जीर्णशीर्ण है यहां दीवारों पर पड़ी हल्की दरारें पुरानी हैं। भू-धंसाव का मंदिर परिसर में कोई असर नहीं है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट व सलाह पर शंकराचार्य गद्दी स्थल भवन का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
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