{"_id":"62d52c2c72e2e555092c2f64","slug":"kanwar-yatra-2022-in-these-days-kanwar-yatra-everyone-is-being-called-as-bhole-see-potos","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"kanwar Yatra 2022: भोले जरा रास्ता देना, भोले पीने को पानी देना, धर्मनगरी में इन दिनों सबका बस एक ही नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
kanwar Yatra 2022: भोले जरा रास्ता देना, भोले पीने को पानी देना, धर्मनगरी में इन दिनों सबका बस एक ही नाम
दीपक प्रजापति, संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: रेनू सकलानी
Updated Mon, 18 Jul 2022 03:54 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
कांवड़ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
Link Copied
कांवड़ यात्रा में अब कोई भी संदीप या अभिषेक नहीं रहा। यहां पर सबको भोले कहकर ही संबोधित किया जा रहा है। रिक्शा चालक, वाहन चालक या फिर फलों की ठेली लगाने वाले सभी को कांवड़ियों की ओर से भोले कहकर संबोधित किया जा रहा है। कांवड़ यात्रा में अगले नौ दिनों तक बस भोले ही भोले का नाम सुनाई देगा। यहां तक कि कांवड़ यात्रा में पुलिसकर्मियों से लेकर चिकित्सक तक भी एक दूसरे को भोले ही कहते हुए नजर आते हैं।
भोले जरा रास्ता देना। भोले पानी देना। भोले कांवड़ संभालना। कांवड़ लेकर जाने वाला हर व्यक्ति इन दिनों केवल भोले नाम से जाना जाता है। बड़े-छोटे, अमीर-गरीब सब भगवा रंग में रंगे हैं। अपना-अपना नाम घर पर छोड़कर सब भोले बन जाते हैं। जिले में 14 से 16 जुलाई तक करीब 18 लाख कांवड़िए गुजर चुके हैं। सभी कांवड़िए आपस में संवाद के क्रम में एक-दूसरे का नाम नहीं लेते।
Trending Videos
2 of 5
कांवड़ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
केवल भोला कहकर पुकारते हैं। संदीप व अभिषेक सब नाम घर छोड़कर लोग आए हैं। भोले भंडारी के दरबार में सब भोले हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 5
कांवड़ यात्रा।
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विश्व की सबसे लंबी पैदल व धार्मिक कांवड़ यात्रा अब अपने चरम पर पहुंचना शुरू हो गई है। कांवड़ियों के रंग में हर कोई रंगा हुआ है।
4 of 5
कांवड़ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
बता दें कि कांवड़ यात्रा के साथ ही एक नियम जुड़ा है कि कंधे पर कांवड़ रखने के बाद कांवड़िए एक-दूसरे को प्रचलित सांसारिक नाम से नहीं पुकारते।
घर में कुछ भी नाम हो, लेकिन कांवड़ उठाने के बाद कांवड़िए एक-दूसरे को भोला कहकर ही संबोधित करते हैं। कांवड़ यात्रा मार्ग, सेवा शिविरों में लाखों कांवड़ियों की भीड़ के बीच आजकल यही नाम गूंज रहा है। कांवड़िए एक-दूसरे के अलावा रास्ते में मिलने वाले या फिर दुकानदार आदि को भी भोले के नाम से पुकार रहे हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।