सब्सक्राइब करें

केदारघाटी में आपदा: बोल्डरों के बीच 18 घंटे जिंदगी और मौत की जंग...SDRF ने युवक को ऐसे दिया नया जीवन, तस्वीरें

संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 02 Aug 2024 09:46 PM IST
विज्ञापन
Kedarnath Disaster Sdrf rescue Youth suppressed Under Boulders for 18 Hours
बोल्डरों के बीच से युवक का रेस्क्यू - फोटो : अमर उजाला

नंदप्रयाग-घाट के गिरीश चमोली को बचाने के लिए एसडीआरएफ का जवान बाबा का दूत बनकर थारु कैंप में पहुंचा। थारू कैंप में दुकान संचालन करने वाले गिरीश शुक्रवार रात अपने घोड़े को बचाते समय बोल्डर की चपेट में आ गए थे।



रातभर बोल्डर के बीच दबे रहे। शुक्रवार सुबह एसडीआरएफ के जवानों ने उनके कराहने की आवाज सुनी और फिर उन्हें बचाने के प्रयास शुरू हुए। नौ घंटे चले रेस्क्यू के बाद उन्हें निकाला जा सका। गिरीश लगभग 18 घंटे तक बोल्डर के नीचे दबे रहे। क्या हुआ था उस रात पढि़ए गिरीश की जुबानी...

Accident: बदरीनाथ हाईवे पर हादसे का शिकार हुए यूपी के बाइक सवार, दो युवकों के अलकनंदा नदी में बहने की आशंका

Trending Videos
Kedarnath Disaster Sdrf rescue Youth suppressed Under Boulders for 18 Hours
बोल्डरों के बीच से युवक का रेस्क्यू - फोटो : अमर उजाला

बीते 31 जुलाई को शाम 7.30 बजे मूसलाधार बारिश शुरू हो गई थी। मैं थारु कैंप में अपनी दुकान में बैठा था। रात 8 बजे बारिश तेज हुई तो मैं अपने घोड़ा को बचाने के लिए बाहर आया। मैं घोड़े को लेकर डेरे पर आ ही रहा था कि मेरा पैर पत्थर पर टकरा गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Kedarnath Disaster Sdrf rescue Youth suppressed Under Boulders for 18 Hours
बोल्डरों के बीच से युवक का रेस्क्यू - फोटो : अमर उजाला

मैं संभल पाता कि ऊपर से बोल्डर गिरने लगे। कुछ समय के लिए कुछ पता नहीं लगा कि मैं कहा था। बस इतना देख पाया था कि मेरा घोड़ा बचकर बुग्यालों की तरफ भाग गया था। मेरा पैर एक बड़े पत्थर से दबा हुआ था, जिसे मैं हिला नहीं पा रहा था, दर्द से कराहते हुए मैं बीच रातभर मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन कोई नहीं था। बाबा केदार की कृपा थी कि बोल्डर के नीचे मुझे सांस लेने के लिए जगह मिल गई थी और बारिश से बचने के लिए छत भी।

Kedarnath Disaster Sdrf rescue Youth suppressed Under Boulders for 18 Hours
बोल्डरों के बीच से युवक का रेस्क्यू - फोटो : अमर उजाला

तड़के 4:30 बजे मैंने फिर मदद के लिए आवाज लगाना शुरू किया। कुछ ही देर में एक आवाज सुनाई दी, कहां हो मुझे बताओ..। मेरी आवाज सुनकर एसडीआएफ के चार-छह जवान मेरे सामने आ गए थे, उन्होंने मेरा हौंसला बढ़ाया और धैर्य रखने को कहा।

विज्ञापन
Kedarnath Disaster Sdrf rescue Youth suppressed Under Boulders for 18 Hours
बोल्डरों के बीच से युवक का रेस्क्यू - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद एसडीआरएफ के जवान मुझे बोल्डरों के बीच से बाहर निकालने के लिए मशक्कत करने लगे। जवानों ने 9 घंटे मशक्कत के बाद दोपहर दो बजे मुझे बाहर निकाला और नया जीवन दिया। लेकिन बोल्डरों की चपेट में आने से मेरे एक साथी की मौत हो गई।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed