अगर आप भी एलपीजी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपको जरूर पढ़नी चाहिए। अगर आप ध्यान नहीं देंगे तो आपको नुकसान हो सकता है। दरअसल, घटतौली रोकने के लिए तेल कंपनियों ने होलोग्राम लगी टेंपर एविडेंट सील का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। लेकिन इसके बाद भी शहर में यह धंधा जोरो पर चल रहा है। तेल कंपनियां घटतौली रोकने के लिए सिलेंडरों में प्लास्टिक की सील लगाकर भेज रही हैं, लेकिन घरों तक पहुंचते-पहुंचते सिलेंडरों से गैस गायब मिलती है। शहर में कई गैस एजेंसी उपभोक्ताओं को गैस सर्विस मुहैया कराने में लगी हैं। ऐसे में रीफिलिंग की बढ़ती शिकायतों के चलते उपभोक्ताओं को गैस की कालाबाजारी से बचने के लिए खुद ही जागरूक होने की आवश्यकता है।
LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करने वालों के लिए है जरूरी जानकारी, ध्यान नहीं देंगे तो नुकसान झेलेंगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लिहाजा गैस को लेते समय संबंधित कर्मचारी से उसे तुलवा लें। ऐसे में धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। इस बाबत पूर्ति विभाग पहले ही लोगों को कई दफा जागरूक भी कर चुका है। गैस एजेंसी के कर्मचारियों के गैस सिलिंडरों से रीफिलिंग का मामला सामने आने के बाद स्थानीय नागरिक परेशान हैं। पूर्ति विभाग की छापेमारी में सामने आया कि, ग्राहकों को जो सिलिंडर दिए जा रहे थे, उनमें प्रति सिलिंडर चार किलो गैस कम थी।
विभाग ने मामले में एक गैस एजेंसी के सप्लाई वाहन चालक पर सिलिंडर से रीफिलिंग के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में संबंधित गैस एजेंसी की संलिप्तता सामने आने पर प्रबंधन के खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। इंदिरानगर में बीते शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने एक गैस एजेंसी के सप्लाई वाहन को पकड़ा था। लोगों ने वाहन में गैस सिलिंडर से एजेंसी कर्मचारियों के रीफिलिंग करने पर हंगामा कर दिया।
इसके बाद मौके पर पहुंचे संभागीय परिवहन विभाग के प्रवर्तन अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बिना पंजीकरण के बिना चलाए जा रहे सप्लाई वाहन को सीज कर दिया, जबकि पूर्ति निरीक्षक विजय डोभाल ने वाहन से 33 सिलिंडर जब्त कर लिए। उन्होंने गैस सिलिंडरों की जांच बाट माप विभाग से कराई, जिसमें प्रत्येक सिलिंडर में करीब चार किलोग्राम गैस कम मिली। बाट माप विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद पूर्ति निरीक्षक ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को मामले की जानकारी दी।