{"_id":"39ba2f01ab78fdc7e82cd98b55a17faf","slug":"nida-fazli-love-greenery-of-dehradun","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"दून की हरियाली पर फिदा थे निदा, कहते थे सितारों का शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दून की हरियाली पर फिदा थे निदा, कहते थे सितारों का शहर
Tue, 09 Feb 2016 04:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 09 Feb 2016 04:30 PM IST
विज्ञापन
दून की हरियाली पर फिदा थे निदा, कहते थे सितारों का शहर
1 of 9
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
अपनी शायरी और गीतों में जिंदगी के हर रंग शामिल करने वाले द को दून की हरियाली बेहद पसंद थी। दून के प्रसिद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम विरासत में जब भी वह प्रस्तुति देने आते थे तो दून को सितारों वाला शहर कहते थे।
दून की हरियाली पर फिदा थे निदा, कहते थे सितारों का शहर
2 of 9
उनसे नजरें क्या मिलीं रोशन फिजाएं हो गईं, आज जाना प्यार में जादूगरी क्या चीज है... जैसे गीतों की रचना करने वाले मशहूर शायर निदा फाजली का सोमवार को निधन हो गया।
दून की हरियाली पर फिदा थे निदा, कहते थे सितारों का शहर
3 of 9
वह दो बार विरासत में प्रस्तुति दे चुके हैं। इस साल अप्रैल में वह दून आने वाले थे, लेकिन अब ऐसा हो नहीं पाएगा। शायद ऐसे हालात के लिए ही उन्होंने लिखा है कि कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता, कभी जमीं तो कभी आसमां नहीं मिलता...
विज्ञापन
विज्ञापन
दून की हरियाली पर फिदा थे निदा, कहते थे सितारों का शहर
4 of 9
निदा फाजली को बच्चों से बेहद प्यार था। तभी तो उन्होंने लिखा है कि ‘घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूं कर लें, किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाए’। निदा को सम्मानित करने वाली दून की संस्था शैलेंद्र मेमोरियल ट्रस्ट के इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बच्चों के प्यार के चलते ही वह इस साल अप्रैल में दून आने वाले थे।
विज्ञापन
दून की हरियाली पर फिदा थे निदा, कहते थे सितारों का शहर
5 of 9
इंद्रजीत सिंह केवि-एक में प्रधानाचार्य हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने निदा को बच्चों के बीच स्कूल में आने का न्योता दिया तो उन्होंने झट स्वीकार कर लिया। सिंह ने बताया कि फाजली कहते थे कि शायरी बच्चों के बीच की जानी चाहिए, ताकि उनमें कुछ संस्कार आएं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।