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देहरादून गैंगरेप प्रकरण: पुलिस जांच में सामने आई एक और चौंकाने वाली जानकारी, अधिकारी भी हुए हैरान

Tue, 18 Sep 2018 09:29 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 18 Sep 2018 09:29 PM IST
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One More Shocking information in Dehradun boarding school sexual assault case 
sexual assault

देहरादून के भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में सामुहिक दुष्कर्म के केस में एक और जानकारी सामने आई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि, सुरक्षा को लेकर मजाक चल रहा था। स्कूल का कैंपस तो लगभग 50 बीघा से ज्यादा क्षेत्र में फैला है लेकिन, पूरे कैंपस में एक भी सीसीटीवी कैमरे नहीं है। दफ्तरों में चार कैमरे हैं, लेकिन वे भी तीन महीने से बंद पड़े हैं।


 

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सीसीटीवी

दरअसल, मंगलवार को सहसपुर पुलिस ने जांच के लिए सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को भी कब्जे में लिया। पता चला कि डीवीआर में पिछले तीन महीनों से कोई रिकॉर्डिंग ही नहीं है। जांच में सामने आया कि स्कूल के चार दफ्तरों में चार कैमरे लगे हुए हैं। 

 

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arresting

इसके अलावा न ब्वायज हॉस्टल और न ही गर्ल्स हॉस्टल के आसपास कोई कैमरा है। जहां वारदात हुई वह जगह भी कैमरे की जद में नहीं है। ऐसे में वहां क्या हुआ और छात्र किस रास्ते से वहां गए यह पता लगाना भी मुश्किल है। 

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पुलिस - फोटो : अमर उजाला

पुलिस के अनुसार इस मसले को लेकर स्कूल के कई टीचर भी सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने प्रिंसिपल और निदेशक से कैमरे लगाने की मांग की थी। पिछले दिनों स्कूल की चारदीवारी पार कर संदिग्ध लोग घुस आए थे। इसका पता अगले दिन पैरों के निशान और टूटी हुई फेंसिंग से चला था। 

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स्कूल में जांच करती बाल आयोग की टीम - फोटो : amar ujala

ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रबंधन लापरवाही बरत रहा था। जबकि, इस तरह के बोर्डिंग स्कूलों में तमाम सहूलियतों और सुरक्षित माहौल का हवाला देते हुए अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जाती है। एसओ नरेश राठौर का कहना है कि स्कूल की डीवीआर कब्जे में ली गई है, लेकिन इसमें पिछले तीन महीनों से कोई रिकॉर्डिंग नहीं है।

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