पीएम नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर इस बार उत्तराखंड आने का राज खुद खोला। उत्तराखंड से योग के संबंध को जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को तीन खूबसूरत शब्दों का इस्तेमाल किया। स्फूर्ति...स्पंदन...सम्मोहन। इन तीन शब्दों के इस्तेमाल ने बिना कहे ये बता दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए उत्तराखंड का चयन क्यों किया।
PM मोदी ने खुद खोला इस बार योग दिवस पर उत्तराखंड आने का राज, आप भी जानिए
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योग भूमि उत्तराखंड से देश-दुनिया को ठोस संदेश देने में प्रधानमंत्री कामयाब भी रहे। इस बार के योग दिवस के लिए पीएम मोदी का उत्तराखंड का कार्यक्रम हर एक को चौंकाने वाला रहा। जिन लोगों ने इसके सियासी मायने तलाशने चाहे, उनके लिए भी एक कठिन पहेली थी। पहेली यही कि आखिर पांच लोकसभा सीटों वाले उत्तराखंड को इतनी तवज्जो से क्या हासिल होने जा रहा है।
मगर, मोदी ने अपने भाषण में उत्तराखंड और योग के कनेक्शन को जिस अंदाज में सामने रखा, उसने सारी बात साफ कर दी। योग पर दुनिया को संदेश देने के लिए उत्तराखंड से बेहतर कोई दूसरा विकल्प उनके सामने था ही नहीं। मोदी ने कहा कि उत्तराखंड मां गंगा की पवित्र भूमि है, जहां चारधाम हैं।
जगदगुरू शंकराचार्य के कदम इस धरती पर पडे़ थे। स्वामी विवेकानंद को भी उत्तराखंड ने आकर्षित किया था। ऐसी धरती पर हमारा एकत्रित होना किसी सौभाग्य से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अनेक दशकों से योग का केंद्र है। यहां के पर्वत योग के लिए प्रेरित करते हैं। जब सामान्य से सामान्य व्यक्ति भी यहां आता है, तो उसे भी दिव्य अनुभूति होती है। यहां स्फूर्ति है, स्पंदन है, सम्मोहन है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल, यशपाल आर्य, अरविंद पांडेय, डॉ.धन सिंह रावत, रेखा आर्या, सांसद डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, राज्य माला लक्ष्मी शाह, भाजपा के सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, राष्ट्रीय सचिव तीरथ सिंह रावत, प्रदेश महामंत्री संगठन संजय कुमार, उपाध्यक्ष ज्योति गैरोला, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सहदेव सिंह पुंडीर, हरबंस कपूर, गणेश जोशी, विनोद चमोली, खजान दास, मुकेश कोली, सुरेंद्र सिंह नेगी, महेंद्र भट्ट, विजय पंवार, देशराज कर्णवाल, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद महाराज भी मौजूद रहे।