इस महीने आकाश में एक दुर्लभ खगोलीय घटना होने जा रही है। पिछली तीन शताब्दियों में ऐसा कोई अन्य उदाहरण नहीं मिलता।
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आकाश में होगी दुर्लभ खगोलीय घटना, एक ही महीने में एक साथ पड़ेंगे तीन ग्रहण, ला सकते हैं भूचाल
कौशल सिखौला , अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Thu, 19 Jul 2018 07:10 PM IST
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अंतरिक्ष
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एक ही महीने में दो सूर्यग्रहण और एक चंद्रग्रहण एक के बाद एक पड़ेंगे। खास बात यह है कि सौर मंडल के प्रमुख ग्रह बुध, मंगल, शनि और गुरु एक साथ वक्री हो गए हैं। जिस तिथि से यह घटना शुरू होगी उस तिथि को गुप्त नवरात्र भी प्रारंभ हो जाएंगे।
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प्राय: एक महीने में दो ग्रहण ही पड़ते हैं। संसार में कहीं भी सूर्यग्रहण हो उसके तत्काल बाद चंद्रग्रहण आता है। इस बार तीन ग्रहणों का दुर्लभ योग पड़ रहा है। भारतीय प्राच्य विद्या सोसायटी के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य डा. प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि तीन ग्रहण के बाद चार ग्रहों का वक्री होना अनेक संकेत दे रहा है। ऐसे समय में मंगल और केतु की युति शनि और सूर्य की प्रति युति के साथ हो रही है।
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चंद्र ग्रहण
पहला ग्रहण 13 जुलाई को सूर्यग्रहण के रूप में पड़ा। यह ग्रहण भारत में दिखायी दिया। न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया आदि देशों में यह ग्रहण कर्क राशियों पर भारी पड़ेगा। इसके बाद 27 जुलाई की रात्रि में खग्रास चंद्रग्रहण होगा जो भारत में 2.55 घंटे दिखाई देगा। यह ग्रहण मकर राशि पर भारी पड़ने वाला है।
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इस ग्रहण के ठीक बाद 11 अगस्त को सूर्यग्रहण एक बार फिर से पड़ेगा। यह ग्रहण भी भारत में दिखायी नहीं देगा, लेकिन अमेरिका और उत्तरी यूरोप में यह ग्रहण भारी प्रभाव डालेगा। यह ग्रहण कर्क राशि वालों को परेशान करेगा। डा. प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार दुर्लभ आकाशीय घटनाओं के कारण आने वाले समय में प्राकृतिक बाधाओं की बाढ़ आ जाएगी। ऐसे समय में 13 जुलाई से ही गुप्त नवरात्र का पड़ना भी विशेष माना जा रहा है।