सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत इस संबंध में मांगी गई जानकारी के उत्तर में गृह मंत्रालय ने कहा है कि जब्त सामान या एसजीपीसी या पंजाब सरकार को सौंपा गया।
समाजसेवी की आरटीआई ने किया ऑपरेशन ब्लू स्टार से जुड़े दस्तावेजों के बारे में चौंकाने वाला खुलासा
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वर्ष 1984 में हुए आपरेशन ब्लू स्टार के बाद केंद्रीय एजेंसी द्वारा कब्जे में लिया गया सामान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को सौंपा गया या पंजाब सरकार को, इस बारे में गृह मंत्रालय के पास पुख्ता जानकारी नहीं है।
समाजसेवी और आरटीआई कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्ढा ने तीन बिंदुओं पर गृह मंत्रालय से जानकारी मांगी थी। इसमें स्वर्ण मंदिर में हुए आपरेशन ब्लू स्टार से संबंधित सभी दस्तावेजों की प्रमाणित छाया प्रति मांगी गई थी। इसके अलावा आपरेशन के दौरान जब्त सामग्री, दस्तावेज, ऐतिहासिक सामग्री कहां सुरक्षित है, आपरेशन में कितने सैनिक, उग्रवादी और श्रद्धालु मारे गए, इस बारे में भी जानकारी मांगी गई थी।
जवाब में गृह मंत्रालय ने आपरेशन से संबंधित दस्तावेजों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। गृह मंत्रालय के अनुसार आपरेशन के दौरान चार हजार अभिलेख/बुक/फाइल, सोना और सोने के आभूषण, चांदी एवं चांदी के आभूषण, कीमती स्टोन, करेंसी और सिक्के सेंट्रल एजेंसी ने कब्जे में लिए थे।
ये अभिलेख और वस्तुएं एसजीपीसी या पंजाब सरकार को सौंपे गए थे। गृह मंत्रालय के कार्यालय में मौजूद अभिलेखों के आधार पर 493 उग्रवादी और नागरिकों के अलावा सेना के 83 अधिकारी-कर्मचारी आपरेशन में मारे गए थे। चड्ढा के अनुसार ये आधी-अधूरी जानकारी है। उन्होंने इस मामले में अपील कर पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।