SBI ग्राहकों के लिए ये खबर है बेहद जरूरी, पढ़ेंगे तो फायदे में रहेंगे
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सबसे बड़ा बदलाव बैंक ने ऑनलाइन ट्रांसजक्शन में किया है। बैंक ने अपनी 1200 शाखाओं के कोड, नाम और IFSC कोड बदल दिए हैं। इनके बदले जाने के बाद अब पुराने कोड और नाम काम नहीं करेंगे। जिन शखाओं में यह बदलाव हुआ है उनमें वो बैंक शाखाएं भी शामिल है जिनका हाल ही में विलय हुआ है। इसकी लिस्ट आप https://www.sbi.co.in/webfiles/uploads/files/RATIONALISED_BRANCHES_WITH_IFSC.pdf पर देख सकते हैं।
भारतीय स्टेट बैंक के कस्टमर्स को 31 दिसंबर, 2017 तक अपना आधार कार्ड बैंक अकाउंट से लिंक करना अनिवार्य है। जो कस्टमर्स ऐसा नहीं करते हैं, उनका अकाउंट 1 जनवरी से बंद किया जा सकता है। यानी 1 जनवरी के बाद से यूजर अपना अकाउंट से किसी तरह का ट्रांजेक्शन नहीं कर सकेंगे।
भारत सरकार ने डिजिटल ट्रांजेक्शन और कैशलेस मुहिम को बढ़ावा देने के लिए ट्रांजेक्शन पर लगने वाले सर्विस चार्ज को 80% तक कम कर दिया है। इमिडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) के लिए चार अलग-अलग स्लैब बनाए ए हैं। पहला 0 से 1 हजार रुपए, दूसरा 1001 रुपए से 10 हजार रुपए, तीसरा 10001 से 1 लाख रुपए और चौथा 100001 से 2 लाख रुपए का है। पहले स्लैब में किसी तरह का सर्विस चार्ज नहीं देना होगा। दूसरे में 1 रुपए, तीसरे में 2 रुपए और चौथे में 3 रुपए का सर्विस चार्ज देना होगा।