लोगों की सुविधा के लिए शुरू की गई यह नई इमरजेंसी सुविधा पुलिस के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। तो ध्यान दीजिए कहीं आपसे भी तो ऐसा नहीं हो रहा है। नई इमरजेंसी सेवा डायल 112 के लिए इन दिनों स्मार्ट फोन का स्पेशल फीचर परेशानी का सबब बना हुआ है। इस फीचर के चलते कंट्रोल रूम में हजारों ऐसी कॉल पहुंच रहीं हैं, जिनमें कॉलर से कोई बात नहीं हो पाती है। चूंकि अभी यह सेवा पूरी तरह शुरू नहीं हुई है। ऐसे में इस समस्या का कोई हल नहीं निकल पा रहा है।
सुविधा नहीं सिरदर्द बना स्मार्ट फोन का यह स्पेशल फीचर, कहीं आपसे भी तो नहीं हो रहा ऐसा...
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बता दें कि इन दिनों नए स्मार्ट मोबाइल फोन में एक स्पेशल फीचर है। यह फीचर फोन के पॉवर स्विच से जुड़ा हुआ है। दरअसल, स्मार्ट फोन यदि लॉक भी है तो पॉवर स्विच को एक के बाद एक कर तीन बार दबाने पर स्वत: ही 112 डायल हो जाता है। ऐसे में यह फीचर किसी आपात स्थिति में तो मददगार साबित हो सकता है, मगर इन दिनों डायल 112 सेवा के लिए सिरदर्द बना हुआ है।
इसका कारण है कि इसके बारे में अभी बहुत ज्यादा लोग नहीं जानते हैं। ऐसे में अक्सर यह हाथ या जेब में रखा हुआ ही डायल हो जाता है। कई बार बच्चे भी शरारत में इस बटन को दबा देते हैं। ऐसे में कॉल डायल 112 में पहुंच जाती है। डॉयल 112 कंट्रोल रूम अधिकारियों का कहना हैं कि यहां प्रदेशभर से प्रतिदिन 24 से 25 हजार कॉल आती हैं।
इनमें से लगभग सात हजार या कभी कभी 10 हजार कॉल ऐसी होती हैं, जिनमें कॉलर की आवाज ही नहीं आती है। ऐसे में यह कॉल स्मार्ट फोन के इसी फीचर से पहुंचती हैं। चूंकि अभी तक कंट्रोल रूम पूरी तरह से चालू नहीं हुआ है, इसलिए इन्हें रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। कंट्रोल रूम चालू होने के बाद इसमें इंटरेक्टिव वॉइस रिस्पांस (आईवीआर) सिस्टम लगाया जाएगा। इससे इस तरह की कॉल में जब आईवीआर से बात होगी तो कॉलर की ओर से कोई उत्तर न आने पर यह स्वत: ही कट जाएगा।
इस तरह की जानकारी फिलहाल कंट्रोल रूम से मिल रही है। एक बार इस तरह की समस्या को हल करने के लिए आईवीआर शुरू करने की बात हुई थी। मगर इसे कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है।
- अमित सिन्हा, आईजी, वायरलेस