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पिथौरागढ़: रात को घर से गिरते पत्थरों का बनाया था वीडियो, सुबह काल बनकर गिरी दीवार, पिता और दो बच्चों की मौत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़ Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 21 Aug 2020 11:00 PM IST
पिथौरागढ़ में तबाही
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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के चैंसर में एक पुराने मकान की दीवार खुशाल नाथ के मकान पर गिरने से पूरा परिवार खत्म हो गया। हादसे में सिर्फ खुशाल नाथ की पत्नी की जान बच पाई है। परिवार के खत्म होने के बाद पत्नी और खुशाल की मां बदहवास हैं। नीधी को अब तक विश्वास नहीं हो रहा है कि उसकी दुनिया उजड़ गई है। हादसे की रात पति जब बच्चों के साथ खेल रहे थे तो उसने बगल के मकान से गिरते पत्थरों का उनसे जिक्र किया था और वीडियो भी बनाया था। पर उसे अंदाजा नहीं था कि अगली सुबह यही मकान उसे जीवन भर का दर्द दे जाएगा। 
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खुशाल की पत्नी निधी का कहना है कि बगल के जर्जर हो चुके तिमंजिले मकान को वो लंबे समय से हटाने और उसे सुधारने की मांग कर रहे थे। खाना खाकर पति खुशाल नाथ, लड़के धनंजय और बेटी निकिता के साथ खेल कर रहे थे। जब रात 10:30 बजे वो अपने पति के साथ टहलने के लिए बाहन निकली तो उस समय जर्जर हो चुके घर से मिट्टी और पत्थर गिर रहे थे। 
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रात में जब सभी लोग गहरी नींद में थे तब पता ही नहीं चला कि पूरी दीवार उनके घर के ऊपर गिर गई। किसी तरह शोर मचाने पर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और सभी को घर से बाहर निकाला। निधी के आंसू देख जिला अस्पताल में उपचार को आए लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। वो भी निधी के साथ फफक-फफक कर रोने लगे।
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ग्रामीणों का कहना है कि एक हादसे ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। सात साल पहले खुशाल नाथ ने आगरा में प्राइवेट नौकरी करने के दौरान निधी से प्रेम विवाह किया था। पति और बच्चों की मौत के बाद निधि बदहवास है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरा परिवार काफी मिलनसार था। खुशाल और निधी हर छोटे-बड़े कार्य में लोगों की मदद को तैयार रहते थे। पूरे परिवार के अच्छे व्यवहार के चलते ग्रामीणों के आंसू रोके नहीं रुक रहे हैं। 
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गैस गोदाम में मजदूरी का कार्य करने वाले खुशाल नाथ और उसके बच्चों की मौत पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता संतोष गोस्वामी ने बताया कि उनका परिवार गरीब जरूर था लेकिन दोनों पति-पत्नी मेहनत करके बच्चों की अच्छी परवरिश कर रहे थे। 
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