प्रदूषण के बढ़े हुए स्तर को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस दिवाली दिल्ली एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। इससे गुरुग्राम के पटाखा गोदाम मालिकों में हलचल मच गई है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद यह दीवाली बिन पटाखे फीकी बीतेगी।
गुरुग्राम : बिन पटाखे ऐसी रहेगी 2017 की दिवाली, कोर्ट के आदेश के बाद मची हलचल
गुरुग्राम में पटाखे के करीब 20 गोदाम हैं। इन गोदामों से पूरे जिले में पटाखे सप्लाई होते हैं। हर वर्ष यहां पर 50 से अधिक अस्थायी दुकानें लगती हैं। कादीपुर, गाड़ौली में गोदाम हैं, जिन्हें स्थायी लाइसेंस मिले हुए हैं, जबकि दिवाली से एक सप्ताह पहले सेक्टर-5 हुडा मैदान, गोशाला मैदान, लेजरवैली पार्क में पटाखा बिक्री के लिए अस्थायी लाइसेंस दिए जाते हैं। दिवाली पर पिछले वर्ष करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था।
पिछली दीवाली पर शहर में प्रदूषण का स्तर 987 माइक्रोन प्रति क्यूबिक मीटर रहा था। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इससे भी अधिक रहा था। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद यह दिवाली शहरवासियों की फीकी बीतने वाली है। उधर, पटाखा गोदाम मालिकों का कहना है कि साल में एक बार यह त्योहार मनाया जाता है, जो अब फीका रहेगा।
40 करोड़ का होता है कारोबार
शहर में कादीपुर, गाड़ौली में करीब 20 पटाखा गोदाम हैं। इन गोदामों से ही पूरे जिले में पटाखे की सप्लाई होती है। दिवाली से पूर्व शहर में लगने वाली अस्थायी पटाखा दुकानों पर भी यहां से ही पटाखे जाते हैं। इन गोदामों और अस्थायी दुकानों के जरिए दिवाली पर करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इसके अलावा पूरे वर्ष के दौरान अन्य त्योहारों व शादी उत्सव के दौरान भी पटाखों की बिक्री होती है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखों की बिक्री पर बैन लगाए जाने की सूचना मिली है। इसके लिए अभी तक कोई आदेश नहीं आए हैं। आदेश में ही स्पष्ट हो पाएगा किस तरह के पटाखों की बिक्री पर बैन लगाया गया है। आदेशों के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। -भारत भूषण गोगिया, उपमंडल अधिकारी
