प्रद्युम्न हत्याकांड में पुलिस अपने ही थ्योरी में फंसते दिख रही है। चश्मदीदों की गवाही और नए खुलासे के बाद अब पुलिस नए एंगल से जांच में जुटी है। बस के ड्राइवर, चश्मदीद अभिभावक के बाद अब माली हरपाल ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। माली ही स्कूल स्टाफ का पहला शख्स है, जिसने टॉयलेट के बाहर प्रद्युम्न को देखा था। माली का दावा है कि अशोक बाहर से आया था, जबकि पुलिस ने अपने बयान में अब तक उसे टॉयलेट के अंदर रहने की बात कही है। बुधवार को प्रद्युम्न के पिता से मिलने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान पहुंचे।
रायन केस: माली को गिरफ्तार कर क्राइम सीन किया री-क्रिएट, अब इस एंगल से सोच रही पुलिस
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक नए एंगल में अब पुलिस दूसरे अपराधी की भी तलाश कर रही है। इसके लिए बुधवार को पुलिस ने बस के ड्राइवर, माली, स्कूल में तैनात गार्ड और बस ट्रांसपोर्टर से पूछताछ की है। माली को मौका-ए-वारदात की जगह पर ले जाकर दोबारा सीन री-क्रिएट किया गया। इस मौके पर दो फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम मौजूद रही। डीसीपी साउथ अशोक बख्शी पूरे मामले की निगरानी कर रहे थे। फॉरेंसिक टीम ने माली, ड्राइवर और स्कूल में पहले तैनात गार्ड के भी फिंगर प्रिंट लिए है। अब उन फिंगर प्रिंट का मौका-ए-वारदात से मिलाया जाएगा। पुलिस ने मंगलवार को लिए खून के सैंपल और फिंगर प्रिंट के विश्लेषण के मधुबन स्थित फॉरेंसिक लैब भेज दिया है।
इसके अलावा पुलिस तीन शिक्षकों से दोबारा पूछताछ किया है। अब पुलिस वहां पर मौजूद लोगों की फोन लोकेशन भी तलाशने में जुटी हुई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इससे यह भी पता लगेगा कि कौन यहां था और कौन नहीं था। इसके लिए पुलिस ने सभी शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों का फोन नंबर भी लिया है। फोन रिकॉर्ड भी निकालकर जांच की जा रही है। जिससे कोई संदिग्ध या नए सुराग का पता लग सके।
वहीं, पुलिस ने स्कूल के दो शीर्ष अधिकारी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां एक आरोपी को जेयस को भोंडसी जेल भेज दिया गया, जबकि दूसरा आरोपी फ्रांसिस को तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया है। दूसरी ओर बुधवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 05 सदस्यीय टीम ने स्कूल का दौरा किया और स्कूल की सुरक्षा खामियों को परखा। सीबीएसई की यह टीम सीधे केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रलाय को रिपोर्ट सौंपेगी। इसमें 09 बिंदुओं पर सुरक्षा के इंतजाम को परखा गया। हालांकि इस मामले में सभी मीडिया से दूरी बनाए रखा।
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि इस मामले में वह खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बात करेंगे। यदि सीबीआई जांच की जरुरत है तो इसकी जांच करवाने के लिए कहा जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने प्रद्युम्न के परिवार को ढाढ़स बंधाते हुए सभी तरह के सहयोग देने का आश्ववासन दिया।