परिजनों ने AMITY में छात्रों की मौत के पीछे के खोले राज..
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यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी बच्चों की मौत को हादसा दिखाने की कोशिश की, लेकिन जांच में हत्या की बात सामने आई है। परिजनों ने इन मामलों में प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।
एमिटी यूनिवर्सिटी के जयपुर कैंपस में एमबीए छात्र 26 वर्षीय स्टेनली बेन्नी की 17 नवंबर 2017 को हुई मौत पर बेन्नी के पिता सीआर बेन्नी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के साथ 14 नवंबर की रात को हॉस्टल के मेन गेट पर मारपीट की गई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता लगा कि पिटाई से मौत हुई, जबकि यूनिवर्सिटी ने मौत को नेचुरल डेथ करार दिया। 24 नवंबर 2016 को नोएडा कैंपस में 19 वर्षीय उदित शंकर सिंह की मौत पर पिता उमा शंकर सिंह ने बताया कि मौत के बाद उन्होंने उदित का अंगदान करने का फैसला किया तो उन्हें बताया गया कि उनके बेटे की मौत 12 घंटे पहले हुई थी, इस कारण उसके अंग खराब हो चुके हैं और उन्हें दान नहीं किया जा सकता। जबकि उन्हें देर से छत से गिरने की जानकारी दी गई।
3 नवंबर 2009 को नोएडा कैंपस में जस्टिस जॉन की मौत पर पिता जॉन एग्जेवीयर ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को स्वीमिंग पूल में डुबोकर मारा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि फोरेंसिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि उसके सिर और किडनी में गंभीर घाव थे। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने तीन आरोपियों को समन भी भेजा है।

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