दिल्ली में शराब की बिक्री का लेकर असमंजस में फंसे बिक्रेताओं के साथ दिल्ली आबकारी विभाग बैठक करेगा। सभी बिक्रेताओं को गुरुवार को आबकारी विभाग ने बुलाया है। बैठक में उनकी परेशानी से आबकारी विभाग अवगत होग। यह भी पूछेगा कि क्यों नहीं वह शराब की दुकान चलाने के लिए लाइसेंस का नवीकरण करा रहे हैं।
शराब की बिक्री पर असमंजस: ठेकों पर नहीं मिल रहा मनपसंद ब्रांड, स्टॉक की कमी से दिल्ली में शौकीन परेशान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आबकारी विभाग के सूत्रों का कहना है कि मौजूदा आबकारी नीति से होने वाली उनकी परेशानी से अवगत होना है। साथ ही पुरानी आबकारी नीति में सहयोग करने को कहा जा सकता है। आबकारी विभाग उन्हें आश्वासन भी दे सकता है। उनसे बिक्री का पूरा लेखा-जोखा लिया जाएगा। उधर, बुधवार को भी दिल्ली में शराब की दुकानें तो खुली लेकिन स्टॉक की कमी के कारण शराब के शौकीनों की परेशानी बनी रही। मनपसंद ब्रांड नहीं मिलने से कई लोगों को दुकान से वापस लौटना पड़ा।
लोग इसलिए भी मायूस दिखें कि उन्हें शराब पर मिलने वाली छूट से वंचित होना पड़ रहा है। पसंद वाले ब्रांड एमआरपी रेट पर ही बिक्री की जा रही है। इसके अलाव बियर की किल्लत हो गई है। आसपास की दुकान को सील किए जाने की वजह से शराब खरीदने के लिए ज्यादा दूरी तय करनी पड़ रही है।
शराब बिक्रेताओं का कहना है कि एक महीने बाद जब मौजूदा नीति खत्म हो जाएगी तो फिर शराब का नया स्टॉक क्यों मंगाई जाए। दुकान में जितना स्टॉक पड़ा है उसी की बिक्री हो जाए तो किराये के दुकान का खर्च निकल आए। ज्यादातर दुकानदारों का कहना है कि जब सरकारी दुकानें खुलेंगी तो फिर निजी दुकानों का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। इसी ऊहापोह में शराब की बिक्री पहले की तरह नहीं की जा रही है। बृहस्पतिवार को आबकारी विभाग के साथ बैठक में कई समस्याओं को व्यापारी रखेंगे। आश्वासन मिलने पर ही आगे की राह तय की जाएगी।
भाजपा हमलावर
भाजपा नेता आशीष सूद ने कहा है कि 2021 में छह लाख लीटर से ज्यादा शराब दिल्ली पुलिस ने पकड़ी। 5186 मुकदमे भी दर्ज हुए, लेकिन आबकारी वाले इन्हें कम दामों में छोड़ते रहे। 2016 में ही घोषणा की गई थी कि अगर सार्वजनिक स्थान पर कोई शराब पीता दिखा तो एक्साइज की धारा 40 के तहत कार्रवाई करेंगे। पूरी दिल्ली जानती है उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की एक्साइज विभाग से मिली भगत के कारण खुले आम शराब पी और पिलाई जाती है। भ्रष्टाचार का पैसा कहां जाता है जवाब दें।