विश्व स्तर पर पहचान बना चुका सपनों का शहर गुरुग्राम महज 95 एमएम बरसात में ही जलग्राम बन गया। बरसात के बाद पूरे शहर में जलभराव और जाम से बुरा हाल है। सेक्टर से लेकर कॉलोनियों और बड़ी सोसाइटी तक में पानी भरा है। करोड़ों रुपये खर्च कर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर सुगम यातायात के लिए बने अंडरपास भी जलमग्न हैं। शहर की बिगड़ी हालत देखकर जीएमडीए और नगर निगम की टीम रात भर राहत और मरम्मत के कार्यों में जुटी रही। इसके बाद भी कई इलाकों में स्थिति सामान्य नहीं हुई। जीएमडीए के कर्मचारियों की मेहनत के बाद कुछ हिस्सों में जलभराव से राहत जरूर मिली।
तस्वीरों में देखें बारिश से आई आफत: गुरुग्राम बना जलग्राम, 95 मिमी बरसात में सड़कों से लेकर अंडरपास सबकुछ डूबा
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बरसात के बाद शहर की हालत पर शहर को कई सोशल मीडिया यूजर्स ने नए नाम दिए हैं। किसी ने जलग्राम कहा तो किसी ने तैरता गुरुग्राम। कुछ लोग अव्यवस्था पर चुटकी लेने से भी नहीं चूके। इस दशहरा रावण जलेगा नहीं, डूबेगा और अब बॉलीवुड उड़ता पंजाब के बाद तैरता गुरुग्राम फिल्म की तैयारी करेगा... जैसे मैसेज से लोगों ने खूब मजे लिए।
दो दिनों में औसत 95.7 एमएम हुई बारिश
बरसात के बाद शहर में चारों ओर जलभराव की परेशानियों के बीच प्रशासन की ओर से जारी किए गए आंकड़े यह बताने के लिए काफी हैं कि सामान्य बरसात ने शहर में प्रशासनिक बदइंतजामियों की तस्वीर दिखा दी। प्रशासन ने दो दिन के भीरत ओवरऑल गुरुग्राम में औसत 95.5 एमएम बरसात के आंकड़े जारी किए हैं। हालांकि इसके अलग-अलग स्थानों पर कम और ज्यादा बरसात दर्ज की गई है, लेकिन इसका औसत महज 95.7 एमएम ही है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी न दिखाई गंभीरता
मौसम विभाग की ओर से एक सप्ताह से लगातार जारी की जा रही चेतावनी को गुरुग्राम के आला अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया और शहर को डूबा दिया। यह सही है कि मानसून की विदाई के समय ऐसी बरसात की संभावना किसी को न थी, आंकड़े भी यह बता रहे हैं कि बरसात सामान्य थी। अब सवाल यही उठता है कि आखिर कई साल से करोड़ों रुपये बर्बाद करने के बाद भी गुरुग्राम का ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त क्यों नहीं हो पाया?
हाइवे पर दिन भर रेंगते रहे वाहन
दिल्ली-जयपुर हाइवे पर दिन भर वाहन रेंगते रहे। जलभराव और हीरो-होंडा चौक फ्लाईओवर के एक तरफ के स्पैन लोड टेस्ट के कारण पूरे हाइवे पर दिन भर यातायात धीमा रहा। एक-दो किलोमीटर की दूसरी तय करने के लिए ही लोगों को 15 से 20 मिनट लगे। धीमे यातायात का असर दिल्ली बॉर्डर से लेकर मानेसर आईएमटी तक रहा। हाइवे के साथ ही निर्माणाधीन गुरुग्राम-पटौदी पर जाम के हालत रहे। पालम विहार की ओर से नजफगढ़ की ओर वाले दिल्ली के इलाके में पहुंचने में भी लोगों को दिक्कत हुई। गुरुग्राम से नजफगढ़ की ओर जा रही सड़क पर जलभराव रहा। बसई से धनकोट, सोहना चौक से बसई रोड सहित कई अंदरुनी सड़कों पर यातायात बेहद धीमा रहा।
