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Delhi NCR News: यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सामान्य वर्ग का प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। यूजीसी के नए नियमों पर बढ़ते विवाद के बीच सामान्य वर्ग समन्वय समिति से जुड़े 40 से अधिक संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है। समिति ने कहा है कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया तो 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में यूजीसी रोलबैक आंदोलन शुरू किया जाएगा। समिति के प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप ने पंडित मदन मोहन मालवीय स्मृति भवन में आयोजित प्रेस वार्ता कर सरकार पर हमला बोला है। कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भले ही इस कानून पर अस्थायी रोक लगाई हो, लेकिन इसे पूरी तरह वापस लेने का अधिकार संसद के पास है। यदि सरकार ने इसे रद्द नहीं किया तो 8 मार्च को विशाल आंदोलन किया जाएगा। डॉ. अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि यूजीसी के नए नियमों से देश की एकता और सामाजिक समरसता को खतरा है। नए नियम से शिक्षा संस्थानों में भेदभाव बढ़ेगा और समाज को बांटने का काम करेगा। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 का हवाला देते हुए बताया कि सभी को समान अधिकार मिलना संवैधानिक है और असमानता पैदा करने वाले प्रावधान अनुचित हैं। स्वामी आनंद स्वरूप ने बताया कि यह नियम समाज को बांटने वाला है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान सनातन करणी सेना, अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा, राष्ट्रीय हिंदू महासभा, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ वकील मौजूद रहे।
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नई दिल्ली। यूजीसी के नए नियमों पर बढ़ते विवाद के बीच सामान्य वर्ग समन्वय समिति से जुड़े 40 से अधिक संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है। समिति ने कहा है कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया तो 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में यूजीसी रोलबैक आंदोलन शुरू किया जाएगा। समिति के प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप ने पंडित मदन मोहन मालवीय स्मृति भवन में आयोजित प्रेस वार्ता कर सरकार पर हमला बोला है। कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भले ही इस कानून पर अस्थायी रोक लगाई हो, लेकिन इसे पूरी तरह वापस लेने का अधिकार संसद के पास है। यदि सरकार ने इसे रद्द नहीं किया तो 8 मार्च को विशाल आंदोलन किया जाएगा। डॉ. अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि यूजीसी के नए नियमों से देश की एकता और सामाजिक समरसता को खतरा है। नए नियम से शिक्षा संस्थानों में भेदभाव बढ़ेगा और समाज को बांटने का काम करेगा। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 का हवाला देते हुए बताया कि सभी को समान अधिकार मिलना संवैधानिक है और असमानता पैदा करने वाले प्रावधान अनुचित हैं। स्वामी आनंद स्वरूप ने बताया कि यह नियम समाज को बांटने वाला है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान सनातन करणी सेना, अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा, राष्ट्रीय हिंदू महासभा, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ वकील मौजूद रहे।
