पांच सौ वर्ग मीटर की फैक्टरी परिसर में टिन शेड के नीचे अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम पिछले तीन महीने से चल रहा था। काम कितनी गोपनीयता के साथ किया जा रहा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पड़ोस के फैक्टरी संचालकों को इसकी भनक तक नहीं थी। जबकि यहां बड़े स्तर पर खिलौना बंदूक में काम आने वाली स्काई शॉट बनाने का काम हो रहा था। आग से बचाव के लिए यहां न तो आधुनिक उपकरण थे और न ही किसी प्रकार के संसाधन मौजूद थे।
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मौत की फैक्टरी: इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने के लाइसेंस पर हो रहा था बारूद का काम, दस की गई जान, कई लड़ रहे मौत से जंग
Sat, 04 Jun 2022 09:47 PM IST
प्रशांत कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़।
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़।
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 04 Jun 2022 09:47 PM IST
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धौलाना अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट
- फोटो : अमर उजाला
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धौलाना अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोस में काम करने वाले फैक्टरी संचालकों ने बताया कि फैक्टरी में करीब तीन साल पहले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने का काम होता था। मेरठ निवासी दिलशाद खान की रूही इंडस्ट्रीज के नाम से फर्म है और इसी नाम से रजिस्टर्ड है।
धौलाना अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट
- फोटो : अमर उजाला
पिछले काफी समय से काम बंद था और करीब तीन माह पहले ही इस फैक्टरी को हापुड़ निवासी वसीम को किराए पर दिया गया था। फैक्टरी में एक हॉल और छोटे कमरे के अलावा पूरे परिसर में बड़े टिन शेड के नीचे काम चल रहा था।
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धौलाना अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट
- फोटो : अमर उजाला
विस्फोट के बाद यह टिन शेड जमींदोज हो गया। फैक्टरी परिसर में कोई आग बुझाने का सिलिंडर तक नहीं था। अंदाजा लगाया जा रहा था। यहां केवल खिलौना बंदूक की गोली में बारूद भरने का काम किया जाता था, जो पूरी तरह हाथ से किया जाता था। जिसके कारण यह हादसा हुआ।
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धौलाना अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट
- फोटो : अमर उजाला
आईजी प्रवीन कुमार ने बताया कि इस बंद फैक्टरी में पटाखे बनाने का काम चल रहा था। इसके पीछे एक बिजली का ट्रांसफार्मर भी था। हो सकता है कि उसमें आग के बाद यहां आग लगी हो, हालांकि आग का कारण स्पष्ट नहीं है। बता दें कि हादसे में दस लोगों की मौत, 14 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से चार की हालत गंभीर है।