आधार के बारे में तीन ऐसी नई बातें सामने आई हैं जिसके बारे में जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। इन पर ध्यान नहीं दिया तो पछताना भी पड़ सकता है।
देर हो जाए इससे पहले जान लें आधार से जुड़ी ये 3 बातें, इस सेवा से लिंक कराने की तारीख बढ़ी
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बीमा पॉलिसी को आधार से लिंक करने की सीमा बढ़ी
बीमा विनियामक व विकास प्राधिकरण (इरडा) ने अपनी बीमा पॉलिसी को आधार कार्ड से जोड़ने की आखिरी तारीख को 31 मार्च से आगे अनिश्चित समय के लिए टाल दिया है। इरडा ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर चल रही सुनवाई में निर्णय होने तक पॉलिसी को आधार से लिंक कराना अनिवार्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने 13 मार्च को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आधार कार्ड से लिंक करने की बाध्यता निर्णय आने तक टाल दी थी। इरडा की तरफ से कहा गया है कि नई पॉलिसी खरीदने वालों को मनी लांड्रिग निरोधक कानून-2005 के तहत 6 माह के अंदर आधार कार्ड या पेन कार्ड जैसा कोई भी अधिकृत कागज जमा कराना होगा। अनिवासी भारतीय के लिए भी धनशोधन निवारण अधिनियम-2002 (पीएमएलए) के तहत अधिकृत कोई कागज जमा कराना अनिवार्य रहेगा।
पहली जुलाई से चेहरे से होगा आधार का सत्यापन
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने 1 जुलाई से आधार का सत्यापन चेहरे से करने की पूरी तैयारी कर ली है। इसके साथ ही आंखों की पुतली या अंगुलियों के निशान से भी सत्यापन का विकल्प रहेगा। यूआईडीएआई ने जनवरी में कहा था कि जिन लोगों को बढ़ती उम्र या अधिक श्रम के कारण बायोमेट्रिक सिस्टम से आधार के सत्यापन में परेशानी हो रही है, उनके लिए चेहरे से सत्यापन की सुविधा शुरू करेगा। पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में एक प्रजेंटेशन में यूआईडीएआई ने आधार के कूट भाषा में लिखने पर जोर देते हुए कहा था कि इसका डाटा अभेद्य है और उसे भेदने के लिए धरती पर उपलब्ध सबसे तेज कंप्यूटर को ब्रह्मांड की आयु से भी ज्यादा वक्त लगेगा।
चुनावी बांड योजना के तहत दान दाताओं के लिए आधार अनिवार्य करने की कोई योजना नहीं है। इस बांड का मकसद राजनीतिक चंदे को साफ-सुथरा बनाना है। लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में सरकार ने यह जानकारी दी है। इस साल 2 जनवरी को इस योजना को अधिसूचित किया गया था।