Election Result 2019: दिल्ली के 5 दिग्गज जिनकी हार तय, फाइट में भी नहीं हैं आतिशी
शीला दीक्षित- शीला दीक्षित पहली बार 1984 में कन्नौज सीट से चुनाव लड़ी थीं। इसके बाद 1998 में वे नई दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं। शीला दीक्षित लगातार तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री बनकर दिल्ली की राजनीति में पंद्रह साल तक सक्रिय रहीं। आम आदमी पार्टी के उदय के बाद विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल से शीला दीक्षित हार गई। इस बार वह उत्तर पूर्वी दिल्ली से भाजपा उम्मीदवार मनोज तिवारी के खिलाफ लड़ीं और खबर लिखे जाने तक उन्हें 200721 वोट मिले। जबकि मनोज तिवारी को 440050 मिल चुके हैं। दो लाख से ज्यादा भी वोट से पीछे चल रही शीला दीक्षित के जीतने की उम्मीद कम है। यह उनके राजनीतिक जीवन के लिए बड़ा मोड़ हो सकता है।
आतिशी- दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था के लिए सराहनीय काम करने वाली आतिशी इस बार पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार थीं लेकिन मोदी लहर ने उन्हें भी खारिज कर दिया। इस वक्त वह तीसरे स्थान पर चल रही हैं। उन्हें अब तक 131762 वोट मिले हैं। उनका हारना आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका है। आम आदमी पार्टी उन्हें अपना कद्दावर उम्मीदवार मानती थी। उनके प्रचार के लिए स्वरा भास्कर से लेकर जिग्नेश मेवानी तक दिल्ली आए थे लेकिन वह जीत से काफी दूर हैं।
अजय माकन- लगातार तीन बार दिल्ली से विधायक बनने वाले अजय माकन दिल्ली सरकार में मंत्री भी रहे हैं। 2004 व 2009 में लगातार दो बार लोकसभा सांसद बने और केंद्रीय मंत्रिमंडल का भी हिस्सा बने। वे राहुल गांधी का बेहद करीबी माने जाते हैं। नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र में सर्विस क्लास के वोटरों में माकन की पकड़ मानी जाती है लेकिन मोदी की आंधी में वो भी काम नहीं आया। अब तक उन्हें 168132 वोट मिल चुके हैं, वहीं पहले स्थान पर चल रही मीनाक्षी लेखी को 337169 वोट मिले हैं। माकन भी दिल्ली में कांग्रेस का खाता नहीं खोल सके। हालांकि पिछली बार से ज्यादा वोट मिलने के कारण कांग्रेस 5 सीटों पर दूसरे नंबर पर है।