कांग्रेस के गढ़ अमेठी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को कड़ी दे रही स्मृति ईरानी मजबूती से लड़ाई में बनी हुई हैं। जब से मतगणना शुरू हुई है वह कुछ देर के लिए छोड़ कर पूरे समय राहुल गांधी से आगे बनी हुई हैं। वह लगातार राहुल से 10 हजार वोटों से आगे चल रही है। 2004 से वह भाजपा की तरफ चुनाव लड़ रही हैं। 15 साल के अपने राजनीतिक जीवन में वह भले ही चुनाव न जीत पाई हों लेकिन वह केंद्रीय एचआरडी मंत्रालय से लेकर कपड़ा मंत्रालय तक संभाल चुकी हैं, लेकिन उनका विवादों से भी गहरा नाता रहा है। हमारी इस स्टोरी में पढ़ें उनके 5 चर्चित विवाद...
कांग्रेस के गढ़ में राहुल से आगे हैं स्मृति ईरानी, अब तक 5 विवादों से जुड़ चुका है नाता
स्मृति ईरानी की 'डिग्री'
इस विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब स्मृति ईरानी के 2004 एवं 2014 के शैक्षणिक योग्यता में अलग-अलग बात बताई गई। 2004 में स्मृति ईरानी ने एफिडेविट के जरिए दिल्ली यूनिवर्सिटी से आर्ट डिग्री में स्नातक होने की बात लिखी। इसमें कहा गया कि उन्होंने 1996 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉरस्पोडेंस से स्नातक की डिग्री ली है। जब 2014 में स्मृति ईरानी अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं थी तो उन्होंने 1994 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से कॉमर्स पार्ट-1 में स्नातक होने की बात लिखी। साल 2019 में स्मृति ईरानी ने एक बार खुद को 12वीं पास बताया था। इस पर कांग्रेस ने उन पर तंज कसा था।
रोहित वेमुला और जेएनयू मामला
स्मृति ईरानी के साथ दूसरा विवाद हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कॉलर रोहित वेमुला की आत्महत्या एवं जेएनयू मामले को लेकर जुड़ा। इन मामलों में स्मृति ईरानी विवादों में आई। रोहित वेमुला मामले में स्मृति ईरानी विपक्ष के साथ ही विद्यार्थियों के निशाने पर भी आईं। उन पर इन मामलों को सही से हैंडल न कर पाने के आरोप लगे और इसके बाद स्मृति को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर कपड़ा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी गई। रोहित वेमुला मामले में विपक्ष ने स्मृति ईरानी पर तथ्यों से छेड़छाड़ के आरोप लगाए। जेएनयू में लगे नारों को लेकर भी स्मृति ईरानी विपक्ष के निशाने पर आईं। यही वक्त था जब ईरानी को 'आंटी नेशनल' तक कहकर संबोधित किया गया।
तीसरा विवाद-सबरीमाला मंदिर मामले में दिया बयान
स्मृति ईरानी को लेकर तीसरा विवाद पिछले साल उस वक्त जुड़ा जब केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर उन्होंने बयान दिया। स्मृति ईरानी के कहा- ‘पूजा करने का अधिकार है, लेकिन अपवित्र करने का नहीं’। उनके इस बयान पर महिला संगठनों से लेकर दूसरे कई लोगों ने आपत्ति जताई। इस मामले में स्मृति ईरानी ने कहा था, ‘मैं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ बोलने वाली कोई नहीं हूं, क्योंकि मैं एक कैबिनेट मंत्री हूं। लेकिन यह साधारण-सी बात है क्या कि आप माहवारी के खून से सना नैपकिन लेकर चलेंगे और किसी दोस्त के घर में जाएंगे? आप ऐसा नहीं करेंगे।' क्या आपको लगता है कि भगवान के घर ऐसे जाना सम्मानजनक है? हालांकि इसके बाद इस मामले में स्मृति ईरानी की सफाई भी आई।
चौथा विवाद- स्मृति ईरानी और संजय निरूपम टीवी डिबेट
स्मृति ईरानी से जुड़ा चौथा विवाद साल 2012 का है। एक टीवी डिबेट के दौरान कांग्रेसी नेता संजय निरूपम ने स्मृति ईरानी को अपशब्द कहे थे। इसके बाद दोनों ने ही एक-दूसरे पर मानहानि का दावा ठोक दिया। हालांकि बाद में कोर्ट ने स्मृति ईरानी को राहत दी और उनके खिलाफ दायर मानहानि के मामले को खारिज कर दिया। दरअसल, संजय निरुपम ने टीवी डिबेट के दौरान स्मृति ईरानी पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा था- आप पहले टीवी पर ठुमका लगाती थी और अब भाजपा में शामिल होकर राजनीतिक विश्लेषक बन गई हैं। इसके बाद यह विवाद शुरू हुआ।