इस बात पर टिका है मनोज तिवारी का भविष्य, जानिए उत्तर-पूर्वी दिल्ली सीट का पूरा समीकरण
अगर इन दो बिरादरी का वोट कांग्रेस की शीला दीक्षित और आप के दिलीप पांडे में से किसी एक केनाम पर एकजुट हुआ तो तिवारी की राह बेहद कठिन हो जाएगी। बहरहाल मुस्लिम बिरादरी में जहां कांग्रेस का ज्यादा प्रभाव नजर आता है, वहीं दलित और झुग्गी झोपड़ी के मतदाताओं में पांडे का आकर्षण महसूस किया जा सकता है। तीनों दलों से हैवीवेट उम्मीदवारों ने क्षेत्र के मतदाताओं को भी भ्रमित कर दिया है। दिल्ली की पूर्व सीएम होने के कारण शीला के प्रति सीलमपुर, मुस्तफाबाद में मुस्लिम बिरादरी का झुकाव नजर आता है।
पूर्वांचल वोटों पर जंग
शीला, तिवारी और पांडे तीनों इस सीट के 25 से 28 फीसदी पूर्वांचल के मतदाताओं को साधने की जीतोड़ कोशिश कर रहे हैं। बीते चुनाव में भाजपा के तिवारी को इसका खुल कर समर्थन मिला था। यही कारण है कि आप और कांग्रेस ने भी पूर्वांचल से जुड़े नेताओं को ही मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने इस सीट पर जयप्रकाश अग्रवाल की जगह पूर्व सीएम दीक्षित पर भरोसा जताया है। आप उम्मीदवार खुद के गाजीपुर से होने, भाजपा उम्मीदवार खुद के बनारस का होने और शीला खुद के कन्नौज से होने का प्रचार कर रहे हैं।
चुनाव के अहम मुद्दे
भाजपा- राष्ट्रवाद, विकास, हिंदुत्व, कार्यकर्ताओं की फौजकांग्रेस- असहिष्णुता, जीएसटी, नोटबंदी, बेरोजगारी
आप- पूर्ण राज्य, दिल्ली सरकार के कामकाज में केंद्र की दखलअंदाजी