मणिपुर के छात्र प्रवीश चमन की संदिग्ध हालात में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को टैग करते हुए मामले में ट्वीट किया है। इसमें कहा गया है कि मामले की सही तरह से जांच कराकर उचित कार्रवाई कराई जाए। साथ ही, कहा गया है कि इस घटना से एनसीआर में रह रहे पूर्वोत्तर के लोगों में चिंता है।
मणिपुर छात्र की मौत का मामला पहुंचा योगी तक
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वहीं, मणिपुर पुलिस के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) डॉ. प्रमोद अस्थाना शनिवार शाम नोएडा पहुंचे। यहां उन्होंने एसपी देहात सुनीति सिंह और मामले की जांच कर रहे एएसपी अभिनंदन से बातचीत कर जांच के तथ्यों की जानकारी ली। उन्होंने प्रवीश की मौत पर पूरी रिपोर्ट भी मांगी है। नोएडा पुलिस इस मामले की फॉरेंसिक एक्सपर्ट से भी जांच कराएगी।
छात्र के फोटो, वीडियो और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी पर भी एक्सपर्ट की राय ली जाएगी। छात्र के शरीर पर जो चोट के निशान है पुलिस उनके जवाब नहीं दे पा रही है। एसएसपी लव कुमार ने बताया कि मामले की जांच गंभीरता से कराई जा रही है। अभी तक प्रवीश की हत्या का कोई कारण सामने नहीं आया है। उन्होंने फॉरेंसिक एक्सपर्ट को भी इस जांच में लगा दिया है।
राजनाथ सिंह से भी मिलेंगे परिजन
छात्र प्रवीश के परिजनों ने बताया कि वह हत्या के इस मामले की सीबीआई जांच कराने के लिए जल्द ही केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे। परिजनों का आरोप है कि नोएडा पुलिस की लापरवाही के कारण प्रवीश का शव भी उनको नहीं मिला है। उन्हें न्याय तभी मिल सकेगा जब सीबीआई जांच होगी।
लापरवाही बरती तो कार्रवाई : एसएसपी
एसएसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि जिले की पुलिस में तालमेल के अभाव के कारण छात्र का लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। शव मिलने और वाहन चोरी व लूट जैसी घटनाओं में कोतवाल से लेकर कांस्टेबल तक अपनी जिम्मेदारी निभाएं और लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अगर अधिकारी-कर्मचारी द्वारा लापरवाही का मामला सामने आता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।