बिना सुरक्षा चल रही थी मौत की फैक्टरी, न दमकल विभाग की NOC और न थे आग से बचाव के इंतजाम
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शनिवार को जिस फैक्टरी में हादसा हुआ, वहां आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं थे। फैक्टरी में आने-जाने के लिए एक ही रास्ता व एक ही जीना था। वहीं, फैक्टरी में अंदर के कमरों में हवा आने-जाने का भी कोई रास्ता नहीं था।
ऐसे में यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। समय रहते लोग बाहर न निकलते और फंसे हुए लोगों न बचाया जाता तो यह हादसा काफी बड़ा हो सकता था। दूसरी ओर, फैक्टरी के एक मालिक ने दावा किया है कि उसके पास नगर निगम से फैक्टरी चलाने का लाइसेंस है। पुलिस उसके दावे की सच्चाई का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
कब क्या हुआ
9:05 बजे : फैक्टरी में ग्राउंड फ्लोर पर बने मीटर के पैनल से आग लगी, जो लिफ्ट से होती हुई ऊपर पहुंची।
9:25 बजे : मामले की सूचना दमकल विभाग और पुलिस को दी गई।
9:40 : पुलिस और दमकल की कुछ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। बाद में धीरे-धीरे और गाड़ियां पहुंचीं।
10:00 : पुलिस व दमकल कर्मियों ने सीढ़ी लगाकर 12 लोगों को ऊपरी मंजिलों से बाहर निकला।
11:00 बजे : स्थानीय विधायक और विधानसभा स्पीकर रामनिवास गोयल पहुंचे।
11:15 बजे : दमकल कर्मियों ने बिल्डिंग के अंदर घुसकर दो महिलाओं समेत तीन लोगों को बाहर निकालाष तीनों को मृत घोषित कर दिया गया।
1:00 बजे : डीएम कुलदीप बांगड़ मौके पर पहुंचे और बचाव कार्यों का जायजा लिया।
2:10 बजे : आग पर काबू पाया गया।
5:00 बजे : मुख्यमंत्री घटना स्थल पर पहुंचे।
5:30 बजे : आग पर पूरी तरह काबू। कूलिंग का काम चलता रहा।