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UP: 'वो बचाओ-बचाओ की आवाज लगा रहा था और मैं..., गोताखोर आते तो बच जाती बेटे की जान'; युवराज के पिता का दर्द
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 19 Jan 2026 08:24 AM IST
सार
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पिता का दर्ज फूट पड़ा। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के पिता राज कुमार मेहता ने बताया कि करीब 12 बजे पुत्र का फोन आया था। पुत्र ने कहा कि वह नाले में गिर गया उसे बचाओ आकर। लेकिन मैं बचा नहीं पाया। मैं बेबस देखता रहा।
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Noida Accident
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 टी प्वाइंट के पास बेसमेंट के लिए बने गड्ढे में भरे पानी में कार समेत डूबे सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। रविवार को सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पिता की शिकायत पर दो बिल्डर कंपनी एमजे विशटाउन व लोटस ग्रीन खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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नोएडा के सेक्टर-150 में हुए हादसे में टूटी पड़ी नाले की दीवार
- फोटो : अमर उजाला
'करीब 12 बजे बेटे का फोन आया था'
मामले में प्राधिकरण की मिट्टी का ढेर लगवाने के साथ लोहे की 10 फीट चौड़ी और सात फीट ऊंची बैरिकेड लगवाने के साथ जर्सी बैरियर रखवाए गए हैं। सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के पिता राज कुमार मेहता ने बताया कि करीब 12 बजे पुत्र का फोन आया था।
मामले में प्राधिकरण की मिट्टी का ढेर लगवाने के साथ लोहे की 10 फीट चौड़ी और सात फीट ऊंची बैरिकेड लगवाने के साथ जर्सी बैरियर रखवाए गए हैं। सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के पिता राज कुमार मेहता ने बताया कि करीब 12 बजे पुत्र का फोन आया था।
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नोएडा के सेक्टर-150 में हुई कार दुर्घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
करीब 30 मिनट वह घटना स्थल को तलाशा
पुत्र ने कहा कि वह नाले में गिर गया उसे बचाओ आकर। पहले वह ऐस सिटी नाले के पास पहुंचे और वहां देखा तो कुछ नहीं मिला। करीब 30 मिनट वह घटना स्थल को तलाशते रहे। जब वह घटना स्थल को तलाशते हुए पहुंचे तो देखा कि पुत्र कार की छत पर लेटा हुआ है।
पुत्र ने कहा कि वह नाले में गिर गया उसे बचाओ आकर। पहले वह ऐस सिटी नाले के पास पहुंचे और वहां देखा तो कुछ नहीं मिला। करीब 30 मिनट वह घटना स्थल को तलाशते रहे। जब वह घटना स्थल को तलाशते हुए पहुंचे तो देखा कि पुत्र कार की छत पर लेटा हुआ है।
नोएडा के सेक्टर-150 में दुर्घटना ग्रस्त कार सवार को निकालने के लिए जाती एसडीआरएफ की टीम
- फोटो : अमर उजाला
पहले रस्सी फेंककर ही बचाव का प्रयास किया
इस दौरान डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। पुत्र बीच-बीच में बचाओ-बचाओ की आवाज लगा रहा था। इस दौरान उन्होंने टार्च जलाकर अपने जिंदा होने का भी सबूत दिया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल के कर्मियों ने पहले रस्सी फेंककर ही बचाव का प्रयास किया। मगर रस्सी उस तक नहीं पहुंची। जो क्रेन भी मंगवाई गई वह भी उस तक नहीं पहुंच गई।
इस दौरान डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। पुत्र बीच-बीच में बचाओ-बचाओ की आवाज लगा रहा था। इस दौरान उन्होंने टार्च जलाकर अपने जिंदा होने का भी सबूत दिया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल के कर्मियों ने पहले रस्सी फेंककर ही बचाव का प्रयास किया। मगर रस्सी उस तक नहीं पहुंची। जो क्रेन भी मंगवाई गई वह भी उस तक नहीं पहुंच गई।
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नोएडा के सेक्टर-150 में हुए हादसे के बाद घटना स्थल पर लगाए गए बैरियर
- फोटो : अमर उजाला
कोई गोताखोर भी नहीं पहुंचा और...
जिस कारण राहत बचाव कार्य में देरी हुई। मौके पर कोई गोताखोर भी नहीं पहुंचा और बेटा उनकी आंखों के सामने ही कार समेत डूब गया। बाद में सफलता नहीं मिलते देख एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों को बुलाया गया। कई घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद उन्होंने पुत्र को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
जिस कारण राहत बचाव कार्य में देरी हुई। मौके पर कोई गोताखोर भी नहीं पहुंचा और बेटा उनकी आंखों के सामने ही कार समेत डूब गया। बाद में सफलता नहीं मिलते देख एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों को बुलाया गया। कई घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद उन्होंने पुत्र को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।