{"_id":"696da1124bb397418105b3e8","slug":"noida-accident-sector-150-residents-says-message-seeking-help-was-sent-at-12-am-but-it-was-delivered-at-3-am-2026-01-19","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"UP: 'मदद के लिए 12 बजे भेजा संदेश, रात 3 बजे हुआ डिलीवर', 40 फीट की क्रेन न आई काम; युवराज मौत केस में खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: 'मदद के लिए 12 बजे भेजा संदेश, रात 3 बजे हुआ डिलीवर', 40 फीट की क्रेन न आई काम; युवराज मौत केस में खुलासा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 19 Jan 2026 09:53 AM IST
सार
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए सड़क हादसे के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के पिता ने मदद के लिए 12 बजे संदेश भेजा था। यह संदेश रात 3 बजे डिलीवर हुआ। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 के निवासियों ने बताया कि यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
विज्ञापन
इंजीनियर युवराज की फाइल फोटो और पिता
- फोटो : अमर उजाला
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए सड़क हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और राहत दल को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बताया गया कि कार सड़क से लगभग 70 फीट दूर जाकर पानी में डूबी मिली। जबकि जो क्रेन मंगवाई गई थी उसकी पहुंच केवल 40 फीट तक ही हो पा रही थी। चारों ओर झाड़ियां और गहरा पानी होने के कारण बोट उतारने की भी जगह नहीं मिल सकी। कोहरे और अंधेरे की वजह से दृश्यता बेहद कम थी, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी देरी हुई। संसाधनों की कमी और तकनीकी दिक्कतों के चलते देर रात तक कार को बाहर नहीं निकाला जा सका।
Trending Videos
नोएडा के सेक्टर-150 में हुए हादसे में टूटी पड़ी नाले की दीवार
- फोटो : अमर उजाला
बैरिकेडिंग व रिफ्लेक्टर नहीं
पुलिस को दी तहरीर में पिता ने बताया कि पुत्र की कार गहरे पानी में गिर गई थी। प्लॉट पर कोई बैरिकेडिंग व रिफ्लेक्टर नहीं था। जिसके कारण यह घटना हुई। एमजेड विशटाउन प्लॉनर और डेवलपर आर्टच डेवलपर की ओर से गंभीर लापरवाही हुई है।
पुलिस को दी तहरीर में पिता ने बताया कि पुत्र की कार गहरे पानी में गिर गई थी। प्लॉट पर कोई बैरिकेडिंग व रिफ्लेक्टर नहीं था। जिसके कारण यह घटना हुई। एमजेड विशटाउन प्लॉनर और डेवलपर आर्टच डेवलपर की ओर से गंभीर लापरवाही हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नोएडा के सेक्टर-150 में हुई कार दुर्घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
लोगों का लगा रहा जमावड़ा
घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और बिल्डर और प्राधिकरण की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बेसमेंट को सुरक्षित किया गया होता। चेतावनी बोर्ड व बैरिकेड लगाए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।
घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और बिल्डर और प्राधिकरण की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बेसमेंट को सुरक्षित किया गया होता। चेतावनी बोर्ड व बैरिकेड लगाए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।
नोएडा के सेक्टर-150 में दुर्घटना ग्रस्त कार सवार को निकालने के लिए जाती एसडीआरएफ की टीम
- फोटो : अमर उजाला
मदद के लिए 12 बजे भेजा संदेश, रात 3 बजे हुआ डिलीवर
नोएडा के सेक्टर-150 में करोड़ों के फ्लैट खरीदने के बाद भी वहां के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। निवासियों का कहना है कि सेक्टर में नेटवर्क की बहुत समस्या है। ऐसे में कई बार फोन और मैसेज नहीं आ पाता है। निवासियों ने बताया कि युवराज के पिता ने सोसाइटी के ग्रुप पर 12 बजे युवराज के पानी में गिरने का मैसेज भेजा था, लेकिन नेटवर्क नहीं होने की वजह से मैसेज रात 3 बजे मिला, तब तक युवराज इस दुनिया से जा चुके थे। यदि नेटवर्क होता तो निवासियों को समय पर युवराज के पिता का मैसेज मिल जाता। इससे युवराज की जान बचाई जा सकती थी।
नोएडा के सेक्टर-150 में करोड़ों के फ्लैट खरीदने के बाद भी वहां के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। निवासियों का कहना है कि सेक्टर में नेटवर्क की बहुत समस्या है। ऐसे में कई बार फोन और मैसेज नहीं आ पाता है। निवासियों ने बताया कि युवराज के पिता ने सोसाइटी के ग्रुप पर 12 बजे युवराज के पानी में गिरने का मैसेज भेजा था, लेकिन नेटवर्क नहीं होने की वजह से मैसेज रात 3 बजे मिला, तब तक युवराज इस दुनिया से जा चुके थे। यदि नेटवर्क होता तो निवासियों को समय पर युवराज के पिता का मैसेज मिल जाता। इससे युवराज की जान बचाई जा सकती थी।
विज्ञापन
नोएडा के सेक्टर-150 में हुए हादसे के बाद घटना स्थल पर लगाए गए बैरियर
- फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी निवासी युवराज की मौत के बाद आसपास की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। निवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये के फ्लैट खरीदने के बाद भी हमारी मांगें नहीं सुनी जा रही है।