नोएडा सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट के ट्विन टावर को गिराने के लिए 12 तलों पर विस्फोटक लगाकर ब्लास्ट किया जाएगा। चिह्नित तलों पर तैयारियां जारी हैं। टावर को गिराने वाली ब्लास्टिंग एजेंसी की ओर से नोएडा प्राधिकरण को स्टेटस रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी की ओर से बताया गया है कि जिन तलों पर विस्फोटक लगाए जाने हैं उसे जिओ टेक्सटाइल फाइबर से घेरा जाएगा। फिलहाल पिलर में ड्रिल किया जा रहा है। इसके अलावा उसे तार की जाली से घेरा जा रहा है।
ट्विन टावर: 12 तलों पर लगाए जाएंगे विस्फोटक, 9000 छेदों में होंगे फिट
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इससे पहले बेसमेंट, भूतल, पहले दूसरे, छठेे सहित एक-एक तल छोड़कर विस्फोटक लगाने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई है। इसके अलावा प्रगति रिपोर्ट में दीवार को गिराने के काम की जानकारी दी गई है। जिसमें बाहरी और भीतरी दीवार को गिराने, सीढ़ियों के बीच में तोड़ने का काम, ड्रिल का काम, तार की जाली लगाने का काम, जिओ टेक्सटाइल फाइबर लगाने का जिक्र किया गया है।
ट्विन टावर के पास से जा रही गेल की गैस पाइपलाइन की सुरक्षा भी काफी अहम है। इसके लिए इसे लोहे की चादर से ढंका जाएगा। इसके अलावा इसके ऊपर करीब दो से तीन फीट के मलबे से ढका जाएगा। ताकि अगर इसके ऊपर मलबा गिरे तो भी इसे नुकसान नहीं हो। हालांकि एजेंसी पहले भी दावा कर चुकी है कि ट्विन टावर का मलबा गैस पाइपलाइन तक नहीं जाएगा।
ट्विन टावर : नौ हजार छेद कर लगाए जाएंगे विस्फोटक
नोएडा सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक के एपेक्स और सियान टावरों के ध्वस्तीकरण की तैयारियां जारी हैं। टावर के पिलर और दीवारों में नौ हजार छेद किए जा रहे हैं। काफी हद तक इस काम को पूरा कर लिया गया है। इन्हीं छेदों में विस्फोटक लगाकर धमाके किए जाएंगे। हालांकि, विस्फोटक लगाने का अंतिम प्लान 25 अप्रैल के बाद ही आएगा। इससे पहले एडिफिस कंपनी के इंजीनियर टावर के अंदर बारीकी से सर्वे कर रहे हैं।
वहीं बहुमंजिला इमारत के गिरने से आसपास के आवासीय टावरों को क्षति पहुंचने की आशंका से निवासी परेशान हैं, लेकिन कंपनी की तरफ से बीमा कराने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। इसके लिए तीन कंपनियों से बातचीत की जा रही है। ट्विन टावर के दोनों ओर करीब 9 मीटर की दूरी पर 16 मंजिला आवासीय इमारत, वाटर बॉडी के अलावा गैस पाइपलाइन को सुरक्षित करने का काम भी साथ-साथ किया जा रहा है ताकि टावरों के ध्वस्तीकरण के दौरान इन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचे।