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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   The OPD will operate in the old building of the district hospital, while pediatric patients will be admitted on the upper floor.

Noida News: जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में चलेगी ओपीडी, ऊपरी तल पर भर्ती होंगे बाल मरीज

Mon, 17 Aug 2026 10:39 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2026 10:39 PM IST
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The OPD will operate in the old building of the district hospital, while pediatric patients will be admitted on the upper floor.
फोटो है
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-सेक्टर 30 स्थित जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग का कायाकल्प किया जाएगा
-बिल्डिंग के रेनोवेशन के लिए चाइल्ड पीजीआई प्रशासन ने शासन से मांगा साढे चार करोड़ का बजट
वान्या दीक्षित
नोएडा। सेक्टर 30 स्थित जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग का कायाकल्प होने जा रहा है। यहां पर चाइल्ड पीजीआई के बाल मरीजों की ओपीडी चलेगी और ऊपरी तल पर मरीजों को भर्ती करने के लिए वार्ड तैयार किए जाएंगे। चाइल्ड पीजीआई प्रशासन ने यहां के नवीनीकरण और मेंटेनेंस के लिए शासन को साढ़े चार करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव भेजा है। बजट की मंजूरी मिलते ही रेनोवेशन का कार्य शुरू हो जाएगा।
चाइल्ड पीजीआई के निदेशक डॉ. एके सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को मरीजों के उपयोग के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यहां पर टावर नंबर 9 में सभी क्लीनिकल विभाग शिफ्ट कर दिए गए हैं, लेकिन जिला अस्पताल सेक्टर 39 में शिफ्ट होने के बाद से मुख्य परिसर खाली पड़ा है और परिसर की हालत खराब हो रही है। ऐसे में यहां के भूतल पर ओपीडी चलेगी और ऊपरी तल पर मरीजों को भर्ती किया जाएगा। संस्थान में अब डॉक्टरों की संख्या बढ़ रही है और जरूरत के मुताबिक विभाग भी बढ़ रहे हैं ऐसे में जगह की जरूरत भी अधिक होगी। इसके लिए शासन से बजट की मांग की गई है। सिविल वर्क और इलेक्ट्रिसिटी वर्क मिलाकर करीब साढ़े चार करोड़ के बजट की मांग की गई है। इसमें पूरी बिल्डिंग का रेनोवेशन होगा।
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ट्रामा के बच्चों को मिलता है इलाज
निदेशक डॉ. एके सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में ट्रामा सेंटर बनाने के लिए बात चल रही थी, हालांकि इस बात को अभी मंजूरी नहीं मिली है। इसके अलावा चाइल्ड पीजीआई में ट्रामा के बच्चों में हड्डी रोग से संबंधित, इंजरी, फ्रैक्चर आदि के बाल मरीजों का प्रमुखता से इलाज दिया जाता है। संस्थान में न्यूरो सर्जन न होने की वजह से हेड इंजरी के मरीजों को दिल्ली के लिए रेफर करना पड़ता है। वहीं, ओरल मैक्सिलोफेशियल सर्जन न होने की वजह से जबड़ा टूटने पर इलाज संभव नहीं होता है।
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अस्पताल की नई व्यवस्था
भूतल पर ओपीडी- मरीजों को भटकना न पड़े, इसके लिए पुरानी बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर ही ओपीडी संचालित की जाएगी। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर मरीजों को सीधे डॉक्टरों से परामर्श मिल सकेगा।

ऊपरी तल पर वार्ड व भर्ती व्यवस्था- बिल्डिंग की ऊपरी मंजिलों पर इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) यानी मरीजों के भर्ती होने की व्यवस्था की जाएगी।
लिफ्ट की सुविधा- पुरानी बिल्डिंग में लिफ्ट की सुविधा नहीं है, हालांकि मरीजों के लिए रैंप बना है। मरीजों और तीमारदारों को ऊपरी मंजिलों पर आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए लिफ्ट लगाई जाएंगी।

मरीजों को मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं
सुधरा हुआ इंफ्रास्ट्रक्चर- जर्जर दीवारें, लीक होती छत व पाइपलाइनों की मरम्मत कर पूरी बिल्डिंग को वाटरप्रूफ और सुरक्षित बनाया जाएगा।
बेहतर सीटिंग और वेटिंग एरिया- ओपीडी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बैठने के लिए व्यवस्थित और हवादार प्रतीक्षालय तैयार किया जाएगा।
आधुनिक शौचालय और स्वच्छता- सभी तलों पर साफ-सुथरे और सुलभ शौचालयों का रेनोवेशन होगा।
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