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Noida News: निदेशक उद्यान पर ठेके में चहेती फर्म को लाभ पहुंचाने का आरोप
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निदेशक उद्यान पर ठेके में चहेती फर्म को लाभ पहुंचाने का आरोप
- सीईओ ने निरस्त किया टेंडर, जांच के दिए आदेश
-ठेकेदार ने की थी सीएम कार्यालय में शिकायत
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण के उद्यान विभाग के परी चौक के आसपास कामों के लिए चहेती फर्म को फायदा पहुंचाने का आरोप उप निदेशक उद्यान ज्ञानेंद्र यादव के ऊपर लगा है। सीईओ रवि कुमार एनजी ने टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी है। इसके अलावा एक महीने में स्वीकृत अन्य कामों की जांच के आदेश सीईओ ने दिए हैं। चहेती फर्म को फायदा पहुंचाने की शिकायत ठेकेदार देवेंद्र पाल सिंह ने मुख्यमंत्री कार्यालय में की थी।
सीईओ का कहना है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर जीरो प्वाइंट से लेकर परी चौक तक सेंट्रल वर्ज, सड़क के किनारे की पटरी और आसपास के दो पार्कों के रखरखाव और हरियाली बढ़ाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से बीते जुलाई माह में निविदा जारी की गई थी। इस पर 1.65 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। कहा गया है कि इसमें दो फर्मों से डमी बिड कराई गई। सीईओ एनजी रवि कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में आने पर निविदा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है। दोबारा से निविदा जारी की जाएगी।
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- सीईओ ने निरस्त किया टेंडर, जांच के दिए आदेश
-ठेकेदार ने की थी सीएम कार्यालय में शिकायत
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण के उद्यान विभाग के परी चौक के आसपास कामों के लिए चहेती फर्म को फायदा पहुंचाने का आरोप उप निदेशक उद्यान ज्ञानेंद्र यादव के ऊपर लगा है। सीईओ रवि कुमार एनजी ने टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी है। इसके अलावा एक महीने में स्वीकृत अन्य कामों की जांच के आदेश सीईओ ने दिए हैं। चहेती फर्म को फायदा पहुंचाने की शिकायत ठेकेदार देवेंद्र पाल सिंह ने मुख्यमंत्री कार्यालय में की थी।
सीईओ का कहना है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर जीरो प्वाइंट से लेकर परी चौक तक सेंट्रल वर्ज, सड़क के किनारे की पटरी और आसपास के दो पार्कों के रखरखाव और हरियाली बढ़ाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से बीते जुलाई माह में निविदा जारी की गई थी। इस पर 1.65 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। कहा गया है कि इसमें दो फर्मों से डमी बिड कराई गई। सीईओ एनजी रवि कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में आने पर निविदा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है। दोबारा से निविदा जारी की जाएगी।
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