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PICS: पर्दे पर उतरेगा भारत में बसे पाकिस्तानी शरणार्थियों का दर्द

गौरव चौधरी/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Thu, 06 Aug 2015 07:36 AM IST
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PICS: पर्दे पर उतरेगा भारत में बसे पाकिस्तानी शरणार्थियों का दर्द

PICS: Pakistani refugees's pain will shown at cinema.

पाकिस्तान में कट्टरपंथियों के डर से फरीदाबाद आए कई शरणार्थी अभी तक अपने वतन में ही बेगाने बने हुए हैं। वो पाकिस्तान को अपना मानते नहीं और भारत ने उन्हें अब तक अपनाया नहीं। इन पाकिस्तानी सिखों के ऊपर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) से प्रशिक्षण लिए कलाकारों ने डॉक्यूमेंट्री बनाने का फैसला किया है।

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PICS: पर्दे पर उतरेगा भारत में बसे पाकिस्तानी शरणार्थियों का दर्द

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इसमें यह दिखाया जाएगा कि आजादी के 68 साल बाद भी कुछ लोग कैसे दो हुकूमतों के बीच पिस रहे हैं। इनकी लाचारी और बेबसी सुनने वाला कोई नहीं है। इसी दास्तां को दिखाने के लिए रविकांत मिश्रा, राकेश श्रीवास्तव और निर्मल सिंह ने मंगलवार को एनएच-तीन स्थित फ्र्रंटियर कॉलोनी का दौरा किया और उनके हालातों से रूबरू हुए।

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वर्ष 2008 में पाकिस्तान से आए 10 परिवारों के 42 लोगों को फ्रंटियर कॉलोनी में नगर निगम द्वारा रहने के लिए अस्थायी जगह दी गई थी। जब से यह पंजाबी सिख अपने परिवारजनों के साथ यहां रहते हैं।  यह मजदूरी, रेहड़ी और घरों में काम कर अपना जीवन निर्वाह करते हैं। नागरिकता के अभाव में इन्हें कोई सुविधा नहीं मिली है।

PICS: पर्दे पर उतरेगा भारत में बसे पाकिस्तानी शरणार्थियों का दर्द

PICS: Pakistani refugees's pain will shown at cinema.

यह विपरीत परिस्थितियों में तंबू डालकर रह रहे हैं। वतन मिलने के इंतजार में एक बुजुर्ग महिला की मौत भी हो चुकी है। इनकी समस्याओं से सरकार और जनमानस को रूबरू करवाने के लिए डॉक्यूमेंट्री बनाई जा रही है।  पाकिस्तान में हिंदुओं के ऊपर हो रहे अत्याचार और हैवानियत के डर से यहां बसे सिख परिवार अब वापस नहीं जाना चाहते।


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प्रभावित शरणार्थियों का कहना है कि उन्हें नागरिकता मिले या न मिले अब तो यहां से सिर्फ उनका जनाजा ही जाएगा। शरणार्थी श्री सिंह का कहना है कि पाकिस्तान में होने वाले अत्याचार से बर्दाश्त से बाहर हैं। वहां न तो हिंदु महिलाएं सुरक्षित हैं और न वह खुद। ऐसे में अब सपने में भी वह पाकिस्तान नहीं जाना चाहते।

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