मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं के सामने आने पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के घर के बाहर प्रदर्शन किया। गुस्साए कार्यकर्ता इस बीच उनके लिए चूड़ियां भी लेकर पहुंचे। स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन की अगुवाई दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विकास चिकारा और सचिव तौकीर आलम ने की। इस बीच प्रदर्शनकारी रोष जताते हुए स्मृति ईरानी के लिए चूड़ियां लेकर पहुंचे औरी जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेताया कि जब तक महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका प्रदर्शनकारी जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रण में रखने के लिए मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। अगर आप शेल्टर होम की पीड़िताओं की दर्दभरी कहानी पढ़ेंगे तो सच में आपकी आंखों से आंसू निकल आएंगे, पढ़ें रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानियां...
दिल्ली पहुंची शेल्टर होम केस की आग, पीड़िताओं का चौंकाने वाला खुलासा, बांधकर की जाती थी हैवानियत
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बालिका गृह मामले में बिहार सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। मुजफ्फरपुर में बच्चियों के साथ हुए यौन शोषण मामले में अब इसकी जांच सीबीआई करेगी। सीबीआई ने मुजफ्फरपुर के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा संचालित इस बालिका गृह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने बच्चियों का मानसिक, शारिरिक और यौन शोषण किया।
29 नाबालिग लड़कियों में से छह गर्भवती हो गई थीं
मालूम हो कि बालिका गृह में बच्चियों के साथ कई हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं। यहां 29 नाबालिग लड़कियों में से छह गर्भवती हो गई थीं। इनमें से तीन का अबॉर्शन भी करवाया गया था। इतना ही नहीं मेडिकल जांच में साबित हुआ है कि गर्भवती हुई लड़कियों की उम्र 7 से 14 वर्ष के बीच है। इस पर मुजफ्फरपुर एसएसपी हरप्रीत कौर ने कहा था कि बालिका गृह की 42 में से 34 बच्चियों से बलात्कार की बात सामने आई है। जहां पीएमसीएमच की जांच रिपोर्ट के मुताबिक पहले 29 बच्चियों से रेप की बात कही जा रही थी।
लड़कियों ने सुनाई आपबीती
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज बयान में दस वर्ष की एक पीड़िता ने कहा कि सूरज के ढलते ही बालिका गृह की लड़कियों के बीच दहशत फैल जाती थी। रातें आतंक की तरह बीतती थीं। दस वर्षीय एक और पीड़िता ने बताया कि कहना नहीं मानने वाली लड़कियों की वह डंडों से पिटाई करता था। 14 साल की एक अन्य पीड़िता ने बताया कि बृजेश के बालिका गृह आते ही कई लड़कियां तो डर से कांपने लग जाती थीं। उसे हंटरवाला अंकल कहा जाता था।
विरोध करने पर हाथ पांव बांध दिए जाते थे
कोर्ट के सामने 7 साल की एक पीड़िता ने बताया कि रेप के दौरान उसके हाथ पैर बांध दिए जाते थे। विरोध करने पर 3 दिन तक भूखा रखा जाता था और बेरहमी से पिटाई होती थी। बृजेश ठाकुर से माफी मांगने और उसके सामने सरेंडर करने पर ही खाना दिया जाता था। 7 साल की एक लगभग गूंगी पीड़िता ने बताया कि उसे 2 दिन भूखा रखा गया और वह हार गई। उसके साथ लगातार प्रताड़ना और रेप के बाद वह कई दिनों तक चलने-फिरने के काबिल नहीं रही। पीड़िताओं ने बताया था कि उनकी कई साथियों को रात में बाहर ले जाया जाता था और वह अगले दिन वापस लाई जाती थी। बाहर जाने वाली पीड़िताओं को नहीं पता होता था कि कि उन्हें कहां ले जाया जाता था।