{"_id":"695a7ed6d7d23f88e5038d62","slug":"red-fort-blast-dr-umar-connected-to-pakistani-handlers-through-a-ghost-sim-2026-01-04","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"लालकिला धमाके में खुलासा: 'घोस्ट सिम' के जरिए पाकिस्तानी आकाओं से कनेक्ट थे आतंकी, जानें कैसे करती है ये काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लालकिला धमाके में खुलासा: 'घोस्ट सिम' के जरिए पाकिस्तानी आकाओं से कनेक्ट थे आतंकी, जानें कैसे करती है ये काम
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: विकास कुमार
Updated Sun, 04 Jan 2026 10:38 PM IST
सार
लालकिले में हुए बम ब्लास्ट को लगभग दो महीने पूरे होने वाले हैं, लेकिन इस आतंकी घटना में घायल हुए कई पीड़ित आज भी सरकारी सहायता और मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि सरकार की ओर से घोषित मुआवजा अब तक सभी घायलों तक नहीं पहुंच पाया है।
विज्ञापन
1 of 12
लाल किला धमाके में सुरक्षा एजेंसी ने किया बड़ा खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट मामले की जांच में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि तथाकथित 'व्हाइट-कॉलर' आतंकी मॉड्यूल से जुड़े आरोपी, जिनमें उच्च शिक्षित डॉक्टर भी शामिल थे, पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से संपर्क बनाए रखने के लिए 'घोस्ट सिम कार्ड' और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्स का इस्तेमाल कर रहे थे।
Trending Videos
2 of 12
आरोपी शाहीन
- फोटो : एजेंसी
डुअल-फोन रणनीति से एजेंसियों को दिया चकमा
जांच अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार डॉक्टरों-मुजम्मिल गनई, आदिल राथर सहित अन्य ने सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए एक सुनियोजित 'डुअल-फोन प्रोटोकॉल' अपनाया था। हर आरोपी के पास दो से तीन मोबाइल फोन होते थे। एक 'क्लीन फोन' उनके नाम से रजिस्टर्ड होता था, जिसका इस्तेमाल रोजमर्रा और पेशेवर कामों के लिए किया जाता था, जबकि दूसरा फोन सिर्फ आतंकी गतिविधियों और पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से बातचीत के लिए इस्तेमाल होता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 12
अल फलाह यूनिवर्सिटी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पाकिस्तानी हैंडलरों से व्हाट्सएप-टेलीग्राम पर संपर्क
अधिकारियों ने बताया कि इन तथाकथित 'टेरर फोन्स' के जरिए आरोपी व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे एप्स पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों-जिनके कोडनेम 'उकासा', 'फैजान' और 'हाशमी' बताए गए हैं, से संपर्क में रहते थे। विस्फोट से पहले मारा गया डॉ. उमर नबी भी इसी नेटवर्क का हिस्सा था, जो विस्फोटक से लदी गाड़ी चला रहा था।
4 of 12
दिल्ली में धमाके के बाद जले वाहन
- फोटो : ANI
आधार के दुरुपयोग से जारी हुईं घोस्ट सिम
जांच में यह भी सामने आया कि इन सेकेंडरी मोबाइल फोनों में लगी सिम कार्ड्स निर्दोष नागरिकों के नाम पर जारी की गई थीं, जिनके आधार विवरण का दुरुपयोग किया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक अलग रैकेट का भी पर्दाफाश किया, जहां फर्जी आधार कार्ड के जरिए सिम जारी की जा रही थीं।
विज्ञापन
5 of 12
डॉ. मुजम्मिल
- फोटो : अमर उजाला
सीमा पार भी एक्टिव रहीं मैसेजिंग आईडी
सुरक्षा एजेंसियों ने एक गंभीर ट्रेंड की ओर इशारा किया है। इन सिम कार्ड्स से जुड़े मैसेजिंग अकाउंट्स पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में भी लगातार एक्टिव पाए गए। एप्स की उस तकनीकी सुविधा का फायदा उठाया गया, जिसमें बिना फिजिकल सिम के भी एप चलाए जा सकते हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।