आपने कई सरकारी दस्तावेजों पर दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन (Government Of NCT Of Delhi) लिखा हुआ देखा होगा। तब आपके मन में यह प्रश्न जरूर आया होगा कि एनसीटी का मतलब आखिर है क्या? इसी तरह एक और शब्द है जो दिल्ली के साथ अक्सर लिया जाता है, वो है एनसीआर (NCR - National Capital Region)।
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दिल्ली: NCT और NCR में क्या है अंतर, जानें राष्ट्रीय राजधानी की दिलचस्प बातें
Sun, 19 Jan 2020 02:24 PM IST
Mohit Mudgal
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sun, 19 Jan 2020 02:24 PM IST
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दिल्ली
- फोटो : file photo
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- आजादी के बाद भारत के राज्यों को पार्ट-ए, पार्ट-बी और पार्ट-सी वर्गों में बांटा गया। यहां दिल्ली को पार्ट-सी में रखा गया।
- साल 1956 तक दिल्ली का कामकाज भी देश के अन्य राज्यों की तरह ही चलता था। लेकिन राज्य पुनर्गठन आयोग आने के बाद राज्यों का बंटवारा एक नए तरीके से किया गया। इसमें दिल्ली को केंद्रशासित प्रदेश (UT - Union Territory) घोषित कर दिया गया।
- इसका यह मतलब हुआ कि दिल्ली में राज्य सरकार और केंद्र सरकार का संयुक्त रूप से काम करेंगी। इसके साथ ही दिल्ली में विधानसभा भंग भी कर दी गई थी।
- विधानसभा भंग होने के 35 सालों के बाद 1991 में संविधान के 69वें संशोधन द्वारा दिल्ली में दोबारा विधानसभा का गठन किया गया। इस बीच (35 सालों तक) दिल्ली में विधानसभा चुनाव ही नहीं हुए थे।
- इस विधेयक में दिल्ली को देश की राजधानी होने के नाते केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष दर्जा दिया गया है। दिल्ली को 01 फरवरी 1992 को नया नाम 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT - National Capital Territory) दिल्ली' दिया गया। ये बदलाव राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र अधिनियम (NCT Act) के तहत किया गया।
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एनसीटी के कारण विवाद :
- दिल्ली में 70 विधानसभा सीटें हैं। साल 1991 में आए अधिनियम के हिसाब से केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर शासन करना होता है, यानी यहां संयुक्त प्रशासन होता है।
- इसी संयुक्त प्रशासन प्रणाली द्वारा काम किए जाने के दौरान कई बार परेशानियों की स्थिति भी बन जाती है। कारण - इसमें कुछ शक्तियां केंद्र सरकार को और कुछ राज्य सरकार को दी गई हैं। इससे दोनों सरकारों के बीच आपसी सामंजस्य न होने से क्षेत्र के विकास में भी समय-समय पर गतिरोध पैदा होता रहा है।
- दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार एक-दूसरे पर काम न करने आरोप लगाती रहती है, जिसका असर दिल्ली के विकास पर भी पड़ता है।
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एनसीआर (NCR)
- एनसीआर (NCR - National Capital Region) को भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ही कहा जाता है। एनसीआर में भारत के वो महानगरीय क्षेत्र आते हैं, जो दिल्ली के आस-पास बसे हैं। इसमें ज्यादातर वो शहर शामिल हैं जिनसे दिल्ली घिरी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, 1985 के नियोजन बोर्ड के कानून के अनुसार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुल 23 जिलों को एनसीआर में शामिल किया गया था।
- साल 1962 में दिल्ली के लिए पहले मास्टर प्लान में यह सिफारिश की गई थी कि दिल्ली का बड़ा क्षेत्र और आसपास के शहरों को दिल्ली की आबादी के दबाव को कम करने के लिए एक महानगरीय क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए। इसी के लिए एनसीआर का विकास किया गया था।
- आसान शब्दों मे समझा जाए तो, एनसीआर का विकास इसलिए किया गया कि दिल्ली पर कम दबाव पड़े। दिल्ली में अधिक संभावनाएं होने के कारण ज्यादा लोग यहां आते हैं। दिल्ली का क्षेत्रफल कम होने की वजह से इससे सटे क्षेत्र का विकास किया गया और इसे एनसीआर (NCR) नाम दिया गया।
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