दिन प्रतिदिन मोबाइल और इंटरनेट का प्रयोग बढ़ने के साथ टेलीकाॅम इंडस्ट्री भी फल-फूल रही है। टेलीकाॅम इंडस्ट्री में आए विकास की बदौलत आज हर कोई वीडियो, वाॅइस और टैक्स के जरिये तरह-तरह की सूचनाएं भेज पा रहा है। इसमें मोबाइल तकनीक के अलावा ‘वायर्ड लाइन’ व ‘ब्राॅडबैंड’ भी शामिल हैं।
टेलीकॉम इंडस्ट्री में रोजगार के अनेक अवसर, अच्छी नौकरी पाने के लिए करें बस ये काम
इंजीनियरों की है देश भर में मांग- भारत में उपग्रहों, इंटरनेट और मोबाइल टेलीफोनी के क्षेत्र में हुए विकास के कारण टेलीकाॅम इंजीनियरों की काफी मांग है। टेलीकाॅम इंजीनियरिंग मुख्य रूप से टेलीकाॅम उपकरणों के डिजाइन, निर्माण और संचालन से जुड़ी है। नौसिखिए इंजीनियरों को शुरूआत में ट्रांसीवर स्टेशन इंजीनियर, ड्राइव टेस्ट इंजीनियर व मेंटनेंस इंजीनियर जैसे पदों पर काम मिलता है। इससे पहले उन्हें ट्रेनिंग या इंटर्नशिप से होकर गुजरना पड़ता है।
आवश्यक योग्यता - टेलीकाॅम सेक्टर में बेहतर मुकाम के लिए युवाओं को 12वीं विज्ञान (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्य) से पास करने के बाद टेलीकाॅम इंजीनियरिंग व इससे संबंधित बीई या बीटेक करना चाहिए। वे छात्र, जिन्हें इंजीनियरिंग में प्रवेश नहीं मिला, वे इलेक्ट्राॅनिक्स और टेलीकाॅम इंजीनियरिंग या टेलीकाॅम इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। ऐसे छात्रों को देश के चुनिंदा संस्थान बीटेक के दूसरे साल में प्रवेश देते हैं।
उच्च अध्ययन के लिए छात्र एमई/एमटेक (इलेक्ट्राॅनिक्स एंड टेलीकाॅम इंजीनियरिंग), एमबीए (टेलीकाॅम नेटवर्क मैनेजमेंट) व एमटेक कर सकते हैं। ज्यादातर इंजीनियरिंग संस्थानों में टेलीकाॅम इंजीनियरिंग, इलेक्ट्राॅनिक्स के साथ पढ़ाई जाती है। हालांकि, ऐसे भी कई संस्थान हैं, जो टेलीकाॅम इंजीनियरिंग में विशेष डिग्री दे रहे हैं।
टेलीकाॅम सेक्टर में प्रशिक्षण के बाद युवाओं को निजी व सरकारी दोनों क्षेत्रों में नौकरी में अवसर मिलते हैं। ये तकनीकी और प्रबंधकीय, दोनों तरह की हैं। इंजीनियरिंग के बाद इस क्षेत्र में बेहतर मुकाम पाने के लिए मैनेजमेंट कोर्स करना सही रहता है। एक इंजीनियर के रूप में युवा अपनी रुचि के अनुसार या तो टेलीकाॅम उपकरण निर्माण कंपनियों या फिर इन उपकरणों का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों में नौकरी पा सकते हैं।
इस क्षेत्र में नौकरी के मौके युवाओं के विशेष कौशल एवं प्रशिक्षण पर निर्भर करते हैं। वे सर्किट डिजाइनर से लेकर स्ट्रेटेजिक मास डेवलपर बन सकते हैं। नेटवर्क इंजीनियर, प्रोडक्ट डिजाइनर, डाटाबेस डेवलपर इसके कुछ प्रचलित पेशे हैं।
- प्रबन्ध कौशल में माहिर युवाओं को बेस स्टेशन सेवाओं से लेकर नेटवर्क सिक्योरिटी, फील्ड मेंटेनेंस, ट्रांसमिशन, आॅप्टिकल फाइबर ब्राॅडबैंड की सेवाएं स्थापित करने से जुड़े मौके मिलते हैं। शिक्षण के अवसर पाॅलिटेक्निक इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थानों में मिलेंगे।
- इंजीनियरिंग और प्रबंधन भूमिकाओं के अलावा, टेलीकाॅम कंपनियां ग्राहक सेवा, लेखा आदि के क्षेत्रों में भी काम के अवसर प्रदान करती हैं। इन नौकरियों को उच्च अध्ययन या विशेष योग्यता की जरूरत नहीं होती है।
- भारत सरकार के टेलीकाॅम प्रौद्योगिकी केंद्र से प्रशिक्षण लेकर काम शुरू कर सकते हैं।
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