यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सीयूईटी यानी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट को लागू कर दिया है। यह एकीकृत प्रवेश परीक्षा देश भर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए परिणाम आधारित स्कोर मेरिट तैयार करेगी। इसके स्कोर रैंक के आधार पर ही केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले होंगे। इसके दायरे में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान जैसे जामिया और एएमयू भी आ रहे हैं, हालांकि, अभी उन्होंने सार्वजनिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं की है, लेकिन यूजीसी ने साफ कर दिया कि सभी संस्थान इसके दायरे में आएंगे।
CUET 2022: सीयूईटी के दायरे में आए जामिया और एएमयू! आरक्षण संबंधी नियम रहेंगे अछूते
UGC Announced CUCET for Admission in Central Universities: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने बताया कि दाखिला प्रक्रिया में सभी को बराबरी का मौका मिले, इसीलिए सीयूईटी का प्रावधान किया गया है।
यूजीसी अध्यक्ष प्रो एम जगदीश कुमार ने कहा कि सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी और उनके अधीनस्थ कॉलेज को अनिवार्य रूप से सीयूईटी के जरिये स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम में दाखिले देने होंगे। यूजीसी का यह नियम अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों पर भी लागू होगा। इसमें जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) का सेंट स्टीफंस कॉलेज आदि शामिल है।
अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों पर भी लागू होंगे नियम
प्रो एम जगदीश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ये संस्थान अपने जिन आरक्षण नियमों के तहत सीट आवंटित करते हैं, उन नियमों को जारी रख सकते हैं। सीयूईटी से किसी भी संस्थान के आरक्षण नियम में कोई बदलाव नहीं होगा। मसलन जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) 50 फीसदी सीट अल्पसंख्यक समुदाय यानी मुस्लिम के लिए आरक्षित रखता है तो वे उन्हीं को मिलेगी, लेकिन यहां पर सीट सीयूईटी के मेरिट स्कोर के आधार पर ही आवंटित होगी।आरक्षण नियम में कोई बदलाव नहीं हो
ऐसे समझें सीयूईटी से क्या होंगे फायदे
हिंदी, अंग्रेजी सहित 13 भारतीय भाषाओं में होगी परीक्षा
सीयूईटी परीक्षा 13 भारतीय भाषाओं में भी होगी। छात्र इन 13 भारतीय भाषाओं में से कोई एक अपनी पसंद से चुन सकते हैं। इनमें मराठी, गुजराती, तमिल, तेलगू, कन्नड़, मलयालम, उर्दू, असमी, बांग्ला, ओडिया, असमी, हिंदी और अंग्रेजी इत्यादि शामिल है। सीयूईटी में अनिवार्य पेपर की परीक्षा इन्हीं भारतीय भाषाओं में से किसी एक में देनी होगी। यूजीसी चेयरमैन ने कहा कि एनटीए से अनुरोध किया जाएगा कि वह जेईई मेन और नीट की तर्ज पर अभ्यास एप के माध्यम से सीयूईटी की भी प्रैक्टिस करवाए, ताकि परीक्षार्थियों को सहूलियत हो।

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