विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) के लिए आने वाला समय कठिन होता दिख रहा है। पिछली तीन फिल्में उनकी लगातार ओटीटी पर ही रिलीज हुई हैं और सिनेमा का जैसा माहौल है, उसमें मीडियम बजट की फिल्मों के लिए अगले एक साल अब कोई शुक्रवार हालात सुधरने के बाद भी मिलने वाला नहीं है। इस बीच वह अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस भी ले आए हैं, जिसका नाम वह फिल्म की कास्टिंग में डालकर अपनी फिल्मों के मुनाफे में हिस्सेदारी बांटने का इरादा रखते हैं।
10 Years of Vidyut Jammwal: अपने ही बिछाए जाल में उलझे विद्युत, पिछली पांच फिल्मों में एक जैसा एक्शन
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एक्शन फिल्मों के तौर पर मशहूर हो चुके विद्युत जामवाल का मामला फिल्म ‘जंगली’ की मेकिंग के बाद से लड़खड़ाना शुरू हुआ। तब जिस कंपनी ने ये फिल्म बनाई उसकी मुखिया ने विद्युत को लेकर वही फिल्म प्लान की थी जो बाद में दूसरे दूसरे हाथों से होते हुए सिद्धार्थ मल्होत्रा की झोली में गिरी और अब फिल्म ‘शहंशाह’ के नाम से ये धर्मा प्रोडक्शंस की फिल्म बन चुकी है। ‘जंगली’ के पहले से बन रही ‘कमांडो 3’ ने इस बीच अच्छा कारोबार किया लेकिन इस फ्रेंचाइजी की अगली फिल्म को लेकर इसके निर्माता विपुल शाह और विद्युत के ग्रह नक्षत्र फिर से सेट नहीं हो पा रहे हैं। ‘कमांडो’ पहली फिल्म है जिसमें विपुल ने विद्युत को बतौर हीरो पेश किया।
विद्युत की पहली फिल्म तेलुगू में थी और उसका नाम था ‘शक्ति’। फिल्म में मेन विलेन थे सोनू सूद फिर भी विद्युत यहां अपनी पहचान छोड़ने में सफल रहे थे। जूनियर एनटीआर और इलियाना डी क्रूज स्टारर इस फिल्म में जैकी श्रॉफ और पूजा बेदी भी अहम किरदारों में देखे गए। फिल्म हिंदी में डब होकर ‘एक था सोल्जर’ के नाम से और भोजपुरी में ‘हमार शूरवीर’ के नाम से रिलीज हुई थी। 1 अप्रैल 2011 को रिलीज हुई इस फिल्म के हिसाब से इस महीने की पहली तारीख को विद्युत जामवाल को बड़े परदे पर उतरे 10 साल पूरे हो गए।
विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) ने हिंदी सिनेमा में हीरो बनने के लिए काफी मेहनत की है। उनकी मार्शल आर्ट्स भी अद्भुत है लेकिन उनकी पिछली पांच फिल्मों पर गौर करें तो इन पांचों में उनका एक्शन कमोबेश एक जैसा रहा और इनमें से तीन तो सीधे ओटीटी पर रिलीज हुईं। ‘जंगली’, ‘कमांडो 3’, ‘यारा’, ‘खुदा हाफिज’ और ‘द पॉवर’, इन पांचों फिल्मों में कहानी का पूरा दारोमदार विद्युत के एक्शन पर रहा लेकिन, उनके चाहने वाले भी अब एक जैसा एक्शन देखकर बोर होने लगे हैं।
अब विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस खोल रहे हैं। नाम भी एक्शन फिल्म्स ही रखा है। विद्युत को निर्देशित कर चुके निर्देशकों का कहना है कि विद्युत के पास भावनाओं की एक विशाल रेंज हैं। वह चाहें तो अपना करियर एक इमोशनल एक्शन हीरो के तौर पर भी विकसित कर सकते हैं और ऐसा करके वह टाइगर श्रॉफ व ऋतिक रोशन वाले ब्रैकेट को और बड़ा कर सकते हैं। लेकिन, विद्युत की सलाहकार मंडली उन्हें उनके बीते किरदारों से आगे जाने नहीं देती और घूम फिरकर वह फिर ‘सनक’ जैसी फिल्मों में ही अटक जाते हैं। हालांकि, इसके निर्माता भी वहीं हैं जिन्होने उन्हें हिंदी सिनेमा में हीरो बनाया, यानी विपुल अमृतलाल शाह।