21 Years of Lagaan: मुंबई के दर्शकों का शोर सुन अफ्रीका में रोए आशुतोष, आमिर के घर आज फिर जुटेंगे सारे कलाकार
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‘अमर उजाला’ से बातचीत करते हुए अभिनेता यशपाल शर्मा कहते हैं, 'इस फिल्म को लेकर निर्देशक आशुतोष गोवारिकर ने बहुत मेहनत की है। यह फिल्म उनकी बेबी है। फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें स्लिप डिस्क हो गया था और उन्होंने अपने लिए एक ढलान वाला बेड बनवाया था जिस पर लेटकर उन्होंने शूटिंग पूरी की। बाद में ए के हंगल साहब को भी स्लिप डिस्क हो गया था, फिर उसी दौरान रघुवीर यादव का ऑपरेशन हुआ। ऐसी बहुत सारी चीजें विपरीत हुई शूटिंग के दौरान, शायद इसलिए फिल्म अमर भी हो गई है।'
फिल्म ‘लगान’ ने अपने जमाने में पुरस्कारों के भी रिकॉर्ड खूब बनाए हैं। आईफा पुरस्कार भी तब बस शुरू ही हुए थे। यशपाल बताते हैं, 'आईफा अवार्ड में ही फिल्म ‘लगान’ का प्रीमियर होना था लेकिन मेरे पास पासपोर्ट ही नहीं था। उसे फिर तत्काल में बनवाया गया। मुझे याद है यहां मुंबई के गेइटी गैलेक्सी में फिल्म लगी थी। फोन पर हमने पब्लिक का रेस्पॉन्स लाइव सुना था। खासकर सीन के एंड में लास्ट छह बाल रह जाते है वो कमाल का था। पब्लिक का वो शोर हमने साउथ अफ्रीका में सुना। सारे लोग सुनकर बहुत खुश हुए और एक दूसरे के गले लगे।’
आशुतोष गोवारिकर के बारे में याद करते हुए यशपाल शर्मा बताते हैं, ‘फिल्म ‘लगान’ के क्लाइमेक्स के दौरान दर्शकों का शोर हमें मुंबई से दक्षिण अफ्रीका में फोन पर लाइव सुनाया गया था। आशुतोष गोवारिकर और उनकी पत्नी सुनीता भी ये सुन रहे थे। थोड़ी देर बाद दोनों एक किनारे खड़े होकर खुशी से जोर जोर से रोने लगे। उनको उस दिन लग गया था कि फिल्म सफल होगी। पब्लिक का जो रिस्पॉन्स था, वो बवाल था। किसी भी निर्देशक के लिए जब उसकी मेहनत सफल हो जाती है तो वह उसको कभी नहीं भूल सकता है फिर चाहे फिल्म को रिलीज हुए 21 साल हो जाए या 50 साल हो जाए।’