फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

30 Years of Tirangaa: राजकुमार के नाम से डरे रजनीकांत, फिर फिल्म देखकर बोले, मिस कर गया एक अच्छी फिल्म

Sat, 28 Jan 2023 10:22 PM IST
मेघा चौधरी अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: मेघा चौधरी Updated Sat, 28 Jan 2023 10:22 PM IST
विज्ञापन
30 Years of Tirangaa Director Mehul kumar shares interesting anecdotes raaj kumar nana patekar rajinikanth
तिरंगा के निर्देशक मेहुल कुमार - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

निर्माता, निर्देशक मेहुल कुमार की सुपरहिट फिल्म 'तिरंगा' अब भी राष्ट्रीय पर्वों पर किसी न किसी टीवी चैनल पर प्रसारित होती जरूरत दिख जाती है। 29 जनवरी 1993 को रिलीज हुई इस फिल्म की रिलीज के 30 साल पूरे होने के मौके पर मेहुल ‘अमर उजाला’ के साथ इस फिल्म की मेकिंग के कई दिलचस्प किस्से साझा किए। फिल्म में नाना पाटेकर के आने का किस्सा जितना गजब है, उतना ही अजब किस्सा साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत का इस फिल्म में काम करने से मना करने का भी है। राज कुमार और नाना पाटेकर को लेकर बनी इस फिल्म के मुहूर्त से ही लोगों ने ही मेहुल को डराना शुरू कर दिया था, लेकिन अपनी धुन के पक्के मेहुल कुमार ने न सिर्फ ये फिल्म पूरी की बल्कि इसकी गिनती हिंदी सिनेमा की बेहतरीन सुपरहिट फिल्मों में भी हुई।

30 Years of Tirangaa Director Mehul kumar shares interesting anecdotes raaj kumar nana patekar rajinikanth
निर्देशक मेहुल कुमार - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

मेहुल कुमार बताते हैं, फिल्म ‘तिरंगा’ की शूटिंग शुरू करने से पहले मैंने फिल्म का एलान एक ब्रॉडशीट फिल्म पत्रिका में तीन पेज का विज्ञापन देकर किया था लेकिन तब तक नाना पाटेकर फिल्म में आए नहीं थे लिहाजा दूसरे पेज पर सिर्फ एक पुलिसवाले की पीठ की फोटो थी। नाना पाटेकर से पहले मेरी रजनीकांत और नसीरुद्दीन शाह से भी मुलाकात हो चुकी थी। लोग मुझसे पूछते थे कि दूसरे पेज पर किस हीरो की तस्वीर है? इस किरदार के लिए मैंने रजनीकांत को मद्रास जाकर स्क्रिप्ट सुनाई थी। उनकी हिम्मत ही नहीं पड़ी राज कुमार के साथ काम करने की। फिर मैंने नसीर भाई को कहानी सुनाई। उन्होंने भी यही कारण बताकर न बोल दिया। इसके बाद हमारे पब्लिसिटी डिजाइनर आत्म राम ने नाना पाटेकर को लेने का सुझाव दिया।'

30 Years of Tirangaa Director Mehul kumar shares interesting anecdotes raaj kumar nana patekar rajinikanth
तिरंगा की शूटिंग के दौरान की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

मेहुल कुमार ने नाना पाटेकर से फिल्म ‘तिरंगा’ के लिए संपर्क किया तो उन्होंने भी राज कुमार के साथ दिक्कत होने की बात कहकर फिल्म में काम करने से मना कर दिया। बहुत समझाने बुझाने पर वह माने तो उन्होंने बहुत स्पष्ट शब्दों में एक शर्त रख थी। मेहुल कुमार के मुताबिक नाना ने कहा, ‘अगर राज साहब (राजकुमार) ने शूटिंग के बीच में दखलअंदाजी की तो मैं सेट छोड़कर चला जाऊंगा और वापस कभी नहीं आऊंगा।’ इस पर मेहुल कुमार ने नाना को राज कुमार के साथ अपनी ये तीसरी फिल्म होने का हवाला दिया और ये भी बताया कि उनकी पटकथा में कोई बदलाव सेट पर नहीं होगा। नाना अपनी शर्त इसी शर्त पर फिल्म ‘तिरंगा’ में काम करने को राजी हुए।

विज्ञापन
विज्ञापन
30 Years of Tirangaa Director Mehul kumar shares interesting anecdotes raaj kumar nana patekar rajinikanth
तिरंगा की शूटिंग के दौरान की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

लेकिन, राजकुमार के साथ काम करने को लेकर सिर्फ नाना पाटेकर ही आशंकित हो ऐसा भी नहीं था। राज कुमार भी नाना के अल्हड़ स्वभाव से पूरी तरह से वाकिफ थे। मेहुल कुमार के मुताबिक, ‘राज साहब ने कहा कि अरे, नाना पाटेकर तो सेट पर लड़ाई झगड़ा करता है।' फिर राजकुमार को नाना पाटेकर की शर्त बताई गई तो वह सफाई देने लगे, 'मेहुल, मैंने तुम्हारे सेट पर कभी किसी को कुछ बोला है क्या?' और, इस तरह से फिल्म ‘तिरंगा’ की शूटिंग शुरू हुई। मुहूर्त के दिन ही इंडस्ट्री के एक बहुत बड़े मेकर मेहुल को बधाई देने पहुंचे और हाथ दबाकर बोले, ‘भगवान करे तेरा ये तिरंगा खूब लहराए, मेहुल! तुम एक पूरब तो दूसरा पश्चिम को लेकर तुम फिल्म बना रहे हो।’

विज्ञापन
30 Years of Tirangaa Director Mehul kumar shares interesting anecdotes raaj kumar nana patekar rajinikanth
तिरंगा की शूटिंग के दौरान की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

बात सही भी थी कि एक कलाकार पूरब था तो दूसरा पश्चिम। दोनों का तालमेल होना आसान नहीं था। मेहुल कुमार बताते हैं, 'शुरुआत में राज साहब और नाना पाटेकर एक दूसरे से घुल मिल नहीं पाते थे लेकिन जन्मदिन के गाने 'पी ले पी ले ओ मेरे राजा, पी ले पी ले ओ मेरे जानी' की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच दोस्ती अच्छी हो गई। फिर तो दोनों साथ में ही खाना खाते थे। लंबी लंबी गप्पे मारते रहते। संगीत के लिए मैंने लक्ष्मीकांत प्यारेलाल को लिया तो उन्होंने संतोष आनंद से गाने लिखवाने की सलाह दी। फिल्म का नाम 'तिरंगा' सुनते ही वह गाने लिखने को तैयार हो गए। वह आठ दिन के लिए मुंबई आए और फिल्म के सभी गाने लिखे।’

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed