कमल हासन भारतीय सिनेमा के सबसे जाने- माने एक्टर्स में से एक हैं। उन्होंने तमिल, हिंदी, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में काम किया है। वो 'मुन्द्रम पिरई', 'नायकन' और 'इंडियन' के लिए बेस्ट एक्टर के तीन नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं। कमल हासन की फिल्म सदमा को आज रिलीज हुए 37 साल पूरे हो गए हैं। इस फिल्म में उनके अपोजिट श्रीदेवी थीं। श्रीदेवी इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन फिल्मों के जरिए आज भी वह सभी के दिलों में जिंदा हैं। 8 जुलाई 1983 को सदमा फिल्म रिलीज हुई थी।
37 साल पहले श्रीदेवी और कमल हासन ने दिया था 'सदमा', 20 साल की उम्र में अभिनेत्री को मिला था फिल्मफेयर
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ये तमिल फिल्म मुन्द्रम पिरई का रीमेक थी। उसमें भी ये किरदार कमल हसन और श्रीदेवी ने निभाए थे। फिल्म को बालनाथन बेंजामिन महेंद्र ने डायरेक्ट किया था। तीन फिल्मफेयर जीतने वाली ये फिल्म श्रीदेवी और कमल हासन के करियर में मील का पत्थर कही जाती है। बॉलीवुड में एंट्री करने के बाद सदमा के बाद से श्रीदेवी को लोग पहचानने लगे थे। इस फिल्म में साउथ की स्टार सिल्क स्मिता भी नजर आई थीं। 1983 में जब ‘सदमा’ रिलीज हुई थी तो सिल्क चार साल में 200 फिल्मों के साथ अपने करियर के टॉप पर थीं।
इस फिल्म पर बात करते हुए श्रीदेवी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जान्हवी कपूर सदमा को देखने के बाद काफी परेशान हो गई थीं और उस समय वो केवल छह साल की थीं। मेरी बेटी ने मुझसे तीन दिनों तक सिर्फ इसलिए बात नहीं की थी क्योंकि फिल्म में मैंने कमल हासन को छोड़ दिया था। सदमा के अंत का असर बहुत गहरा पड़ा था। जान्हवी ने जब फिल्म देखी उस समय वो लगभग छह साल की थीं। उसने मुझसे कहा तुम गंदी मम्मा हो। आपने उसके साथ गलत किया। बता दें कि श्रीदेवी से पहले मासूम लड़की का रोल डिंपल कपाड़िया को ऑफर हुआ था लेकिन डिंपल किसी वजह से ये फिल्म नहीं कर पाईं और आखिरकार श्रीदेवी को ये रोल मिल गया।
'सदमा' में श्रीदेवी ने एक ऐसी लड़की नेहालता का किरदार निभाया था जो पुरानी जिंदगी भूल चुकी होती है और वो मासूमियत लिए एक छोटी बच्ची की तरह कमल हसन (फिल्म में सोमू टीचर) के साथ उसके घर पर रहने लगती है। सोमू उससे प्यार करता है उसका इलाज कराता है और जब वो ठीक हो जाती है तो सोमू को भूल जाती है।
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याददाश्त वापस आने के बाद ट्रेन में बैठी श्रीदेवी कमल हसन को भिखारी समझ के आगे बढ़ जाती है। ये सीन आज भी लोगों के दिल को छू जाता है। श्रीदेवी ने जब ये फिल्म की थी तब साउथ में लोग उन्हें जानते थे लेकिन बॉलीवुड में वो अपने पैर जमा रही थीं। लेकिन जब सदमा आई तो श्रीदेवी के करियर के लिए ये चमत्कारी साबित हुई। फिल्म ने तीन फिल्मफेयर जीते। साथ ही श्रीदेवी के पास फिल्मों की लाइन लग गई। इसे श्रीदेवी और कमल हासन दोनों की कमाल एक्टिंग के लिए जाना जाता है।