{"_id":"5be8048fbdec2269a369b7e9","slug":"abbas-mustan-reveal-baazigar-was-shot-with-two-endings","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"25 साल बाद हुआ खुलासा, शाहरुख-काजोल की फिल्म 'बाजीगर' में फिल्माए गए थे दो अंत सीन","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
25 साल बाद हुआ खुलासा, शाहरुख-काजोल की फिल्म 'बाजीगर' में फिल्माए गए थे दो अंत सीन
Sun, 11 Nov 2018 04:28 PM IST
भाषा
भाषा
Updated Sun, 11 Nov 2018 04:28 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
baazigar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
शूटिंग में देरी और हीरो के नकारात्मक भूमिका से मना करने के बाद देरी से रिलीज हुई अब्बास मस्तान की शाहरूख अभिनीत फिल्म ‘बाजीगर’ को 25 साल पूरे हो गये। इस फिल्म के दो अंत फिल्माए गए थे। बारह नवंबर 1993 में रिलीज हुई फिल्म में शाहरूख, काजोल की प्रमुख फिल्म रही और शिल्पा शेट्टी ने पहली दफा रजतपट पर कदम रखा था।
2 of 5
baazigar
निर्देशक जोड़ी अब्बास-मस्तान के मस्तान ने पीटीआई से कहा कि लोग अभी भी फिल्म को पसंद कर रहे हैं। यह हमारी पूरी टीम के लिए बहुत बड़ी सराहना है। महत्वपूर्ण बात यह है कि निर्माता को अपनी सोच को लेकर आश्वस्त होना चाहिए क्योंकि यह पर्दे दिखाई देता है। हमारा नायक नकारात्मक चरित्र निभा रहा था। यह काजोल और शाहरूख की जोड़ी वाली रोमांटिक फिल्म नहीं थी लेकिन सभी ने बेहतरीन काम किया।
3 of 5
baazigar
इस फिल्म को ना केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। बहरहाल, इस फिल्म का निर्माण कठिन था। इसका मुहुर्त दिसंबर 1992 में हो गया था और जल्द ही शूटिंग शुरू होने वाली थी। छह दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में दंगे भड़कने के बाद फिल्म का काम रूक गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
'बाजीगर' में शाहरुख खान और शिल्पा शेट्टी
उन्होंने बताया कि कुछ वक्त रूकने के बाद मार्च के अंत में हमने इस फिल्म की शूटिंग शुरू की और मई-जून में काम समाप्त करने के बाद दीवाली पर फिल्म को रिलीज करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि राखी गुलजार का कहना था फिल्म का अंत अलग होना चाहिए क्योंकि अंत दर्शकों को पसंद नहीं आयेगा। बहुत सारे वितरकों का कहना था कि नायक को मरना नहीं चाहिए बल्कि पुलिस आ कर उसे गिरफ्तार करे।
विज्ञापन
5 of 5
abbas mustan
उन्होंने बताया कि इसलिए हमने दोनों अंत फिल्माए थे। हम लोगों ने महसूस किया शाहरूख को गिरफ्तार करने वाले अंत में चरित्र के ग्राफ को सही तरीके से नहीं दर्शाया जा सकता है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।