जितेंद्र 11 साल से लाइम लाइट से दूर थे। आखिरी बार उन्हें 2007 में आई फिल्म 'ओम शांति ओम' में गेस्ट अपीयरेंस देते देखा गया था। इतने सालों बाद जितेंद्र फिर एक बार चर्चा में आ गए हैं। जितेंद्र की ममेरी कजिन ने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। बहन ने हिमाचल प्रदेश को लिखित शिकायत देकर कहा है कि नशे की हालत में जितेंद्र ने उनका रेप करने की कोशिश की थी।
47 साल बाद बहन ने जितेंद्र पर लगाया रेप की कोशिश का आरोप, चिट्ठी में बताया- क्या हुआ था उस रात
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चिट्ठी के मुताबिक, 'मेरे पिता की बहन के बेटे रवि कूपर एक प्रोफेशनल एक्टर हैं। उन्हें जितेंद्र के नाम से भी जाना जाता है। जब मैं टीनएज में थी, तब मैं उनकी फैमिली से मिली थी। कभी-कभार ही हम एक-दूसरे से मिलते थे तब हमेशा रिश्तेदार मौजूद रहते थे। ये जनवरी 1971 की बात है। जब मैं 18 साल की थी और जितेंद्र 28 साल के। उन्होंने मेरे पिता से कहकर मुझे उस जगह बुलाया, जहां उनकी फिल्म की शूटिंग चल रही थी।'
'मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी कि मुझे अकेला ही वहां बुलाया गया था। ये सब मेरी जानकारी के बगैर हुआ। मि. कपूर अपने दो साथियों और ड्राइवर के साथ आए थे। इसके बाद एक ग्रुप के साथ कार में मुझे दिल्ली से शिमला ले जाया गया। इस दौरान रास्ते में मुझसे किसी ने बात नहीं की। जब हम शिमला पहुंचे तो सीधे मुझे होटल रूम ले जाया गया, जिसमें दो अलग-अलग बेड थे। जितेंद्र ने कहा कि वे बाहर घूमने जा रहे हैं, वापस आ जाएंगे।'
'मैं थकी हुई थी और सोने चली गई। देर रात जब जितेंद्र लौटे तो मैं दीवार की तरफ मुंह करके सो रही थी। वे बिस्तर पर आए और मेरे साथ रेप की कोशिश करने लगे। मैंने अपने आप को बचाने की कोशिश की। उनके मुंह से शराब की तेज बदबू आ रही थी। मैंने उन्हें अपने से दूर करने की कोशिश की, लेकिन वे गंदी हरकतें करते रहे। मैं दीवार और अपने कजिन के बीच फंस गई थी। उन्होंने जबर्दस्ती मुझे दबोच लिया। मेरे पास बचने का कोई तरीका नहीं था। वे लगातार मेरे साथ जबर्दस्ती करते रहे। कुछ देर बाद वे अपने बिस्तर पर चले गए और हम खामोशी के साथ सो गए।'

'अगले रोज जितेंद्र ने मुझसे बात नहीं की। उन्होंने ड्राइवर से कुछ कपड़े खरीदकर मुझे देने को कहा और मुझे दिल्ली वापस छोड़ दिया गया। यकीन कीजिए कि ये सब बातें बिल्कुल सच हैं। उम्मीद है कि भारतीय कानून के अनुसार मेरी पहचान को उजागर नहीं किया जाएगा।' जितेंद्र की बहन ने यह भी कहा कि उन्हें इस घटना को बताने में सालों लग गए। इसकी हिम्मत उन्हें सोशल मीडिया पर चल रहे #METOO कैंपेन की वजह से आई है।