भारत में अगले महीने रिलीज होने जा रही एक फिल्म को लेकर अफगानिस्तान में बहस उठ खड़ी हुई है। 'पानीपत' के पोस्टर और ट्रेलर को लेकर अफगान सोशल मीडिया में लोगों की बंटी हुई प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। 6 दिसंबर को रिलीज होने वाली इस फिल्म में अभिनेता संजय दत्त दुर्रानी साम्राज्य के संस्थापक अहमद शाह अब्दाली की भूमिका निभा रहे । इसमें 1761 में अब्दाली की वफादार सेनाओं और भारत की मराठा सेनाओं के बीच हुई पानीपत की ऐतिहासिक लड़ाई के दौरान का घटनाक्रम दिखाया गया है।
पानीपत फिल्म को लेकर अफगानिस्तान में छिड़ी बहस, वजह हैरान करने वाली
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अफगानिस्तान में कुछ फेसबुक और ट्विटर यूजर्स ने भारतीय फिल्म निर्माताओं और प्रशासन को चेताया है कि अब्दाली के किरदार को नकारात्मक न दिखाएं। दरअसल अब्दाली को अफगान सम्मान से 'अहमद शाह बाबा' कहते हैं। अब्दुल्ला नूरी नाम के एक यूज़र ने ट्वीट किया, "डियर बॉलिवुड, मैं अफगानिस्तान से हूं और लाखों अन्य अफगानों की तरह बॉलीवुड का मुरीद हूं। संजय दत्त मेरे पसंदीदा अभिनेता हैं। मुझे उम्मीद है कि पानीपत फिल्म में अहमद शाह दुर्रानी का कोई अपमान नहीं किया होगा।"
Dear @duttsanjay Ji: Historically, the Indian cinema has been extremely instrumental in strengthening the Indo-Afghan ties - I very much hope that the film “Panipat” has kept that fact in mind while dealing with this important episode of our shared history! https://t.co/8HKLei2ce1
हालांकि कुछ अन्य यूज़र्स ने समय से पहले प्रतिक्रिया देने को गलत बताया है और अब्दाली की ऐतिहासिक भूमिका पर अलग तरह के नज़रिये को भी स्वीकार करने की अपील की है। मोहम्मद कासिल अकबर सफी ने पश्तो भाषा के शमशाद टीवी की ओर से इस विषय पर डाले गए पोस्ट पर कॉमेंट किया है, "अहमद शाह बाबा हमारे हीरो हैं। हमें उनपर गर्व है। हालांकि, उन्हें (भारतीयों को) युद्ध में काफी नुकसान उठाना पड़ा था। वे उनके लिए हीरो नहीं हैं।" शमशाद टीवी के फेसबुक पोस्ट पर एक अन्य टिप्पणी में अहम आगा सफी ने लिखा है, "अगर रिलीज करने से पहले इस फिल्म की पड़ताल करना ठीक रहेगा।"
मुख्य पोस्ट में भी फिल्म की "जांच" की मांग की गई थी और इसे ख़बर लिखे जाने तक 70 बार शेयर किया जा चुका था। एक दिन पहले संजय दत्त की ओर से ट्विटर पर जारी पोस्टर पर कॉमेंट करते हुए भारत के लिए अफगानिस्तान के पूर्व राजदूत शाइदा अब्दाली ने ट्वीट किया, "डियर संजय दत्त जी, ऐतिहासिक तौर पर भारतीय सिनेमा की भारत और अफगान संबंधों को मज़बूत करने में अहम भूमिका रही है। मुझे उम्मीद है कि 'पानीपत' फिल्म ने हमारे साझा इतिहास के इस अहम घटनाक्रम को लेकर इस बात को ध्यान में रखा होगा।"
वहीं मुंबई में अफगानिस्तान के वाणिज्य दूतावास के अधिकारी नसीम शरीफ़ी ने ट्वीट किया है, "पिछले डेढ़ साल से भारत में मौजूद अफगान राजनयिक यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि पानीपत फिल्म में अहमद शाह बाबा का अपमान न हो। कोई अफगान इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता है। संजय दत्त ने मुझे भरोसा दिलाया है कि अगर अहमद शाह बाबा का रोल ख़राब होता तो वो उसे करते ही नहीं।" शमशाद टीवी के पोस्ट पर कॉमेंट करते हुए फैज हाक पारस्त ने लिखा है, "अगर ये (फिल्म) तथ्यों पर आधारित है, मैं मज़बूती से इसका समर्थन करता हूं और इसे रिलीज किया जाना चाहिए।" इस बीच अब्दाली की तारीफ़ में ट्वीट करते हुए ग़ुफ़रान वासिक ने लिखा है, "इसमें कोई शक नहीं कि अहमद शाह अब्दाली एक आक्रमणकारी थे और यह कोई गर्व की बात नहीं है।"
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